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विशेष राज्य के दर्जे को लेकर बीजेपी और टीडीपी में दरार

ए एस शेखर | Updated on: 6 May 2016, 23:11 IST
QUICK PILL
  • विशेष राज्य के दर्जे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के बीच दरार चौड़ी होती दिख रही है. केंद्र सरकार की तरफ से की जा रही देरी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली है.
  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के नेता जगनमोहन रेड्डी ने आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा मिलने में हो रही देरी के लिए नायडू को ही जिम्मेदार ठहराया है.

आंध्र प्रदेश को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है. विशेष राज्य के दर्जे की स्थिति को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के बीच दरार चौड़ी होती दिख रही है. केंद्र सरकार की तरफ से की जा रही देरी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली है.

इस बीच केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने टीडीपी सांसद अवंती श्रीनिवास के पूछे गए सवाल का लिखित तौर पर जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देे सकती. 

सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार इसके साथ ही राज्य सरकार को होने वाले बजट घाटे की भरपाई भी नहीं करेगा. मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश राज्य पुनर्गठन आयोग अधिनियम 2014 में भी कहीं से भी राज्य को विशेष दर्जा दिए जाने की बात नहीं की गई थी.

 गृह राज्य मंत्री हरिभाई पी चौधरी ने राज्यसभा में साफ कर दिया कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे की कोई जरूरत नहीं है

पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने टीडीपी को जोर का झटका दिया हुआ था. गृह राज्य मंत्री हरिभाई पी चौधरी ने राज्यसभा में साफ कर दिया कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश राज्य पुनर्गठन कानून 2014  के तहत राज्य की सभी जरूरतों को पूरा कर रहा है. 

नीति आयोग राज्य के लिए विशेषा आर्थिक पैकेज पर काम कर रहा है और जल्द ही इस बारे में रिपोर्ट की जाएगी.

क्या होता है विशेष दर्जे का मतलब?

विशेष दर्जा मिलने के बाद राज्य को सभी केंद्रीय योजनाओं के लिए 90 फीसदी अनुदान जबकि 10 फीसदी रकम कर्ज के तौर पर मिलती है. विशेष राज्य के दर्जे की अनुपस्थिति में राज्य को केंद्रीय योजनाओं के लिए 70 फीसदी कर्ज जबकि 30 फीसदी अनुदान मिलता है.

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की स्थिति में हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपये का फायदा होता. नायडू को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देगा लेकिन वह अब सरकार के रवैयेे से हताश हो चुके हैं. नायडू अब केंद्र सरकार के रवैये के खिलाफ मोर्चा खोलने की योजना बना रहे हैं.

नायडू से संकेत मिलने के बाद टीडीपी के अन्य नेता बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ हमला करने लगे हैं. विशेष राज्य के दर्जे के अलावा विशाखापत्तनम में रेलवे जोन को बनाना और आंध्र प्रदेश के बजटीय घाटे की भरपाई करने की मांग भी शामिल है.

कुछ महीनों पहले बीजेपी के प्रेसिडेंट अमित शाह ने भी राजामहेंद्रवर्मन की जनसभा में सार्वजनिक तौर पर टीडीपी को झिड़क दिया था. उन्होंने इस दौरान राज्य को दी गई केंद्रीय योजनाओं की सूची गिनाने में देर नहीं की.

बढ़ता तनाव

चौधरी की घोषणा को आपत्तिजनक बताते हुए चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार को तब तक आंध्र प्रदेश को वित्तीय सहायत मुहैया करानी चाहिए जब तक कि वह सभी समस्याओं से मुक्त नहीं हो जाता.

नायडू इस बीच हर मंच से बीजेपी सरकार पर विशेष राज्य के दर्जे को लेकर दबाव बना रहे हैं. नायडू सरकार के कई मंत्री और कांग्रेस भी बंटवारे की वजह से आंध्र के साथ हुए अन्याय को लेकर बीजेपी पर निशाना साध चुके हैं.

एक मौके पर नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तरफ से किए गए वादों और अरुण जेटली एवं वेंकैया नायडू की मांग की तरफ ध्यान दिलाया. केंद्र सरकार राज्य के 16,000 करोड़ रुपये के बजटीय घाटे की भरपाई के लिए 2,500 करोड़ रुपये जारी कर चुका है.

केंद्र राज्य के 16,000 करोड़ रुपये के बजटीय घाटे की भरपाई के लिए 2,500 करोड़ रुपये जारी कर चुका है

हालांकि विज्ञान और तकनीक मंत्री वाई एस चौधरी ने विश्वास जताया कि विशेष राज्य के दर्जे को हासिल किया जा सकता है. जब संवाददाताओं ने उनसे यह सवाल पूछा कि क्या इस बारे में दबाव बनाने के लिए टीडीपी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना चाहिए, तो उन्होंने जवाब देने के बदले यह पूछ डाला कि क्या इस्तीफे से मसले का समाधान हो पाएगा.

जगन का हमला

आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल के नेता वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने हालांकि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के लिए नायडू को ही जिम्मेदार ठहराया है.

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और दिवंगत वाई एस राजशेखर रेड्डी के करीबी केवीपी रामचंद्र राव ने प्राइवेट बिल की मदद से राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया और कहा कि बीजेपी ने राज्य के साथ धोखा किया है.

जगन नेे हाल ही में एक वीडियो क्लिप दिखाया था जिसमें चंद्रबाबू नायडू अपनी ही बात को काटते दिखाई दे रहे हैं. इस क्लिप में नायडू को चार मौकों पर विशेष राज्य का दर्जा मांगते हुए देखा जा रहा है लेकिन एक मौके पर वह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि इससे किसी मसले का समाधान नहीं होगा.

आंध्र प्रदेश से कांग्रेस के सांसद और आंध्र के बंटवारे के सूत्रधार रहे जयराम रमेश ने भी बीजेपी पर आंध्र प्रदेश के साथ धोखा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि केंद्र ने विशेष राज्य के दर्जे कोे पीछे रखकर कम से कम 11 राज्यों को दगा दिया है.

First published: 6 May 2016, 23:11 IST
 
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