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Teachers Day 2018: शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं देशभर के स्कूल, कैसे मनाएं टीचर्स डे ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2018, 8:26 IST
(File Photo)

देश में हर साल 5 सितंबर को टीचर्स डे यानी शिक्षक दिवस बहुत उल्लास के साथ मनाया जाता है. देश के पहले उपराष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. लेकिन वास्तव में वर्तमान समय की बात करें तो देश में शिक्षकों की भारी कमी है.

पिछले साल संसद में मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी देश में टीचर्स की कमी के बारे में बताया कि प्राथमिक स्तर पर पूरा देश 17.51% शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है. वही सेकेंडरी लेवल पर 14.78% शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं.

शिक्षा की बात करें तो बेहतर शिक्षा की शुरुआत प्राथमिक स्तर पर ही होती है. लेकिन देश में प्राथमिक शिक्षा की हालत बहुत अच्छी नहीं है. प्राथमिक स्तर की बात करें तो झारखंड में सबसे ज्यादा 38.39% शिक्षकों की कमी है. टॉप 5 राज्यों में झारखंड सहित बिहार, दिल्ली, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ भी शामिल है.

 

वहीं अगर सेकेंडरी लेवल की बात करें तो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सेकेंडरी लेवल के शिक्षकों की कमी है. यहां सेकेंडरी लेवल पर शिक्षकों के 50 फ़ीसदी पद रिक्त हैं. इसके अलावा लक्षद्वीप, बिहार, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ भी शिक्षकों की कमी का यही हाल है. मानव संसाधन मंत्री के अनुसार देश में अभी प्राथमिक स्तर के लिए 907585 और सेकेंडरी स्तर के लिए 106906 शिक्षकों की भर्ती की जानी है,जिनकी अभी कमी है.

 

 

गौरतलब है कि शिक्षक दिवस आज राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है. इन आंकड़ों से इतर टीचर्स डे को लेकर एक रोचक बात भी है. शिक्षक दिवस को मनाने की नींव कैसे पड़ी? ये एक महान दार्शनिक तथा शिक्षाविद के आदर्शों के बारे में हैं.

राधाकृष्णन से एक बार उनके कुछ शिष्यों ने उनका जन्मदिन मनाने की सोची और जब वह उनसे इस बारे में पूछने गए तो उन्होंने मना कर दिया.

 

उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिन को अगर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो वह बहुत गर्व महसूस करेंगे. और तभी पहली बार 1962 में उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया. तब से लेकर आज तक 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.

देश में कम ही सही लेकिन जितने भी टीचर्स है उन्होंने आज देश के युवा को इस काबिल बनया है की वो देश और विदेश में अपने ज्ञान से अपना, अपने देश का नाम रोशन करें.

First published: 5 September 2018, 8:26 IST
 
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