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Teachers Day: जानिए 5 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं शिक्षक दिवस, क्या है इसके पीछे की कहानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2019, 10:11 IST

हमें जिंदगी में अच्छे बुरे की सीख और दुनिया को समझने की सलाहियत एक टीचर यानी शिक्षक ही देता है. मां-बाप के बाद अगर हम सब की जिंदगी में कोई बदलाव लाता है या लाने की कोशिश करता है तो वह एक टीचर ही है. जो कभी भी हमारी तरक्की और कामयाबी से जलन महसूस नहीं करता बल्कि उसे हम पर नाज होता है और गर्व महसूस करता है. किसी भी व्यक्ति की सफलता की पहली सीढ़ी गुरु ही होता है.

ऐसे ही गुरु के सम्मान में हम हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैंलेकिन क्या आप जानते हैं कि हम पांच सितंबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं और इसे क्यों मनाया जाता है. शिक्षक दिवस के मौके पर हम आपको इसकी पूरी कहानी बताने जा रहे हैंदरअसल, 5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन् का जन्म हुआ थाउनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ थाउनके जन्मदिन को ही हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं. पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन् कहते थे कि पूरी दुनिया एक विद्यालय है जहां से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है.

वह हमेशा कहा करते थे कि जीवन में कभी भी कुछ अच्छा और ज्ञानवर्धक सीखने को मिले उसे तुरंत आत्मसात कर लेना चाहिए. वह अपने छात्रों को पढ़ाते समय उनको पढ़ाई कराने से ज्यादा उनके बौद्धिक विकास पर ध्यान देते थेशिक्षक दिवस मनाने के पीछे भी एक रोचक कहानी है. बताया जाता है कि एक बार राधा कृष्णन के कुछ शिष्यों ने मिलकर उनका जन्मदिन मनाने के बारे में सोचा.

इसे लेकर जब वे राधाकृष्णन् के पास अनुमति लेने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की बजाय अगर शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो मुझे गर्व होगा. इसके बाद से ही 5 सितंबर का दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था. उसके बाद से पूर्व राष्ट्रपति राधाकृष्णन् का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.

बता दें कि पांच सितंबर को शिक्षक दिवस केवल भारत में ही मनाया जाता है. वहीं दुनिया के बाकी देशों में पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने का कोई प्रचलन नहीं है. इस दिन स्कूलों में तरह-तरह के प्रोग्राम होते हैं और विद्यार्थी अपने टीचर्स को उपहार देकर भविष्य में अपनी सफलता की कामना करते हैं.

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First published: 5 September 2019, 10:11 IST
 
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