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सोनिया गांधी ने वोटबैंक के लिए पास नहीं होने दिया तीन तलाक बिल : रविशंकर प्रसाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 September 2018, 15:17 IST
(File Photo)

कैबिनेट ने आज तीन तलाक़ अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. तीन तलाक़ संशोधित बिल पास होने के बाद कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया पर निशाना साधा है. रविशंकर प्रसाद ने कहा, '' मैं पूरे होशो-हवास में और पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि एक प्रतिष्ठित महिला नेता हैं, लेकिन फिर भी बर्बर अमानवीय तीन तलाक को शुद्ध वोट बैंक राजनीति के लिए संसदीय कानून द्वारा समाप्त करने की अनुमति नहीं दी गई.''

इस मामले में जानकारी देते हुए रविशंकर प्रसाद ने बताया कि हमारे सामने 430 तीन तलाक के मामले आए हैं, इसमें से 229 मामले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले और 201 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद के हैं. साथ ही उन्होने सोनिया गांधी और मायाआती से इस बिल का समर्थन करने की अपील की है.

गौरतलब है कि मोदी सरकार की तरफ से तीन तलाक पर बिल पेश किया गया था. हालांकि कांग्रेस के साथ ही अन्य विपक्षी दलों ने इस पर विरोध दर्ज किया जिसके बाद इस बिल में संशोधन किया गया. लेकिन इस संशोधन के बाद भी ये बिल राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था. गौरतलब है कि तीन तलाक़ के इस नए बिल में तीन तलाक़ को गैर जमानती अपराध का दर्जा दिया गया है. लेकिन अब इस बिल में हुए संशोधन के बाद से इस मामले में अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा.

 

क्या है संशोधित तीन तलाक़ बिल

-संशोधन के बाद अब मजिस्ट्रेट को ये अधिकार है कि वो ट्रायल से पहले पीड़िता का पक्ष सुनकर आरोपी को जमानत दे सकता है.

- तीन तलाक़ के मामले में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार केवल पीड़िता के परिजन और खून के रिश्तेदारों को ही है.

- तीन तलाक़ के मामले में अब मजिस्ट्रेट पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी को बचा सकता है.

-अगर किसी महिला को एक बार में तीन तलाक़ दिया जाता है तो वो मुआवजे की हकदार होगी.

 

First published: 19 September 2018, 13:36 IST
 
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