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कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनियों के लिए TRAI का ये फैसला क्यों कमर तोड़ने जैसा है ?

सुनील रावत | Updated on: 13 January 2018, 14:15 IST

कर्ज में डूबी टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए उस वक़्त फिर बड़ा झटका लगा जब टेलीकॉम रेगुलेटर (ट्राई) ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए इंटरनेशनल इनकमिंग कॉल में बड़ा बदलाव किया है. ट्राई ने इंटरनेशनल इनकमिंग कॉल पर लगने वाले टर्मिनेशन चार्ज को 53 पैसे प्रति मिनट से घटाकर 30 पैसे प्रति मिनट करने का फैसला कर दिया.

टेलीकॉम इंडस्ट्री के जानकारों की माने तो ट्राई के इस कदम से एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया की कमाई बुरा असर पड़ेगा. जानकारों के अनुसार आईएसडी इनकमिंग कॉल सस्ती करने से टेलीकॉम कंपनियों की आय पर 5,000 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है. 

क्या है टर्मिनेशन चार्ज

गौरतलब है कि इंटरनेशनल इनकमिंग कॉल पर इंटरनेशनल टेलीकॉम ऑपरेटर्स को भारत के टेलीकॉम ऑपरेटर्स को चार्ज देने पड़ते हैं हैं. इससे पहले डोमेस्टिक कॉल पर भी मोबाइल इंटरकनेक्‍शन उपयोग शुल्क (आईयूसी) को 14 पैसे से घटाकर छह पैसे प्रति मिनट कर दिया था.

ट्राई के इस फैसले से सबसे ज्यादा लाभ जियो को हुआ था. इसे पहले जियो प्रति वर्ष अन्य कंपनियों को इंटर कनेक्शन चार्ज के रूप में 6,000-7,000 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा था. इससे भारती एयरटेल करीब 7,700 करोड़ रुपये का मुनाफा मिलता था.

इंटरकनेक्ट चार्ज कॉम होने से सबसे बड़ा झटका एयरटेल, आईडिया और वोडाफोन जैसी कंपनियों को हुआ. ऐसा इसलिए क्योंकि इनके पास ज्यादा ग्राहक हैं. और इनके नेटवर्क पर ज्यादा इनकमिंग कॉल आती है.

First published: 13 January 2018, 14:13 IST
 
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