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मोदी सरकार का अदालत में जवाब- देशहित में रिकॉर्ड करते हैं फोन

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2019, 10:42 IST

गृह मंत्रालय ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा टेलीफोनिक इंटर्सेप्शन भारत की संप्रभुता और अखंडता के हित में किया जाता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, तत्कालीन विधि सचिव सुरेश चंद्रा और कुछ वरिष्ठ सीबीआई अधिकारियों पर अवैध फोन टैपिंग का आरोप लगाते हुए एक याचिका दाखिल की गई थी.

मंत्रालय ने मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया कि नियम 419A ऑफ इंडियन टेलीग्राफ (संशोधन) नियम 2007 केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा एक समीक्षा समिति के गठन के लिए पर्याप्त रूप से प्रावधान है. मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा, “निर्देश के मामले के साठ दिनों की अवधि के भीतर समीक्षा समिति इस मामले में आवश्यक पूछताछ और जांच करेगी और अपने निष्कर्षों को दर्ज करेगी कि क्या निर्देश जारी किए गए.

 

हलफनामे में कहा गया है कि इंटरसेप्शन और इंटरसेप्टेड संदेशों के लिए इस तरह के निर्देशों से संबंधित रिकॉर्ड संबंधित सक्षम प्राधिकारी और अधिकृत सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा हर छह महीने में नष्ट कर दिए जाएंगे, जब तक कि ये कार्यात्मक आवश्यकता के लिए आवश्यक नहीं हैं.

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First published: 26 March 2019, 10:10 IST
 
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