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टेरी ने आधिकारिक तौर पर आरके पचौरी से किया किनारा

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 April 2016, 14:18 IST

द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) की गवर्निंग काउंसिल ने विवादित कार्यकारी उपाध्यक्ष और नोबेल पुरस्कार विजेता राजेंद्र कुमार पचौरी से अपने सारे संबंधों को खत्म करने का फैसला किया है.

सोमवार को गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष अशोक चावला के नेतृत्व में हुई एक बैठक में ये फैसला लिया गया.

फैसले के तहत विवादित कार्यकारी उपाध्यक्ष आरके पचौरी को उनके टेरी के अनुबंध के मुताबिक वेतन का भुगतान करते हुए सारी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है.

आरके पचौरी का टेरी के साथ जुलाई 2017 तक अनुबंध था. लेकिन संस्था ने 15 महीने पहले ही पचौरी से नाता तोड़ लिया है.   

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बैठक में इस बात का भी निर्णय लिया गया कि पचौरी की टेरी के सदस्यता को भी आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. आरके पचौरी के पास टेरी की 25 साल की सदस्यता है. वहीं पचौरी इस समय विदेश दौरे पर बताए जा रहे हैं. 

पचौरी पर यौन शोषण के तीन आरोप


काउंसिल के एक सदस्य ने बताया कि जो फैसले लिए गए हैं, उसके मुताबिक पचौरी अब से गवर्निंग काउंसिल की किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं ले सकते हैं.

गौरतलब है कि द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट यानी टेरी के पूर्व कार्यकारी उपाध्यक्ष आरके पचौरी पर एक पूर्व महिला सहयोगी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

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इस मामले से पहले एक और महिला ने पचौरी पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे. महिला ने चांसलर पद पर पचौरी की नियुक्ति की कड़ी आलोचना की थी.

इसके अलावा एक विदेशी महिला ने भी पचौरी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. महिला ने आरोप लगाया था कि 2008 में जब वो उनकी सेक्रेटरी थी, तब पचौरी ने उसका यौन शोषण किया था.

महिला ने अपने बयान में कहा था कि जब उसने पचौरी की करतूत का विरोध किया, तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया.

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First published: 21 April 2016, 14:18 IST
 
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