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अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमला, 7 श्रद्धालुओं की मौत, PM ने की निंदा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2017, 12:18 IST

जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग जिले में सोमवार को अमरनाथ यात्रियों की एक बस, पुलिस दल को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमले की चपेट में आ गई. इस हमले में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई. हमले में पुलिसकर्मियों सहित तकरीबन 19 लोग घायल हुए हैं. 

जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बताया कि दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं को लेकर बालटाल से मीर बाजार को जा रही बस पर सोमवार की देर शाम 8.20 बजे बटेंगो में यह हमला हुआ. आतंकवादियों ने इलाके में दो और जगहों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए हमला किया.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों ने गुजरात से आए अमरनाथ यात्रियों से भरी एक मिनी बस पर हमला किया. उन्होंने बताया कि बस अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकृत नहीं थी, इसलिए बस के साथ सुरक्षा में पुलिस भी नहीं थी. मरने वालों में पांच श्रद्धालु गुजरात के, जबकि दो महाराष्ट्र से हैं. पांच महिला श्रद्धालुओं को इस हमले में जान गंवानी पड़ी है.

2000 में हुआ था बड़ा हमला

पुलिस महानिरीक्षक मुनीर खान ने बताया कि आतंकवादी हमले में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हुए हैं. घायलों को श्रीनगर के आर्मी बेस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है. खान ने बताया कि यह आतंकवादी हमला अमरनाथ यात्रियों को नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किया गया था.

इससे पहले, सन 2000 में आतंकवादियों ने अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाया था, जब पहलगाम में लगे आधार शिविर पर किए गए हमले में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि आतंकवादी हमले की चपेट में आई बस आधिकारिक तौर पर अमरनाथ यात्रा का हिस्सा नहीं थी और अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा पंजीकृत नहीं थी.

उधर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना का ब्यौरा दिया. केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने आनन-फानन में ताजा स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक की. 

'शब्दों में बयां नहीं कर सकते दुख'

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, "जम्मू एवं कश्मीर में शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रियों पर इस कायरतापूर्ण हमले का दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. हमले की चारों ओर से कड़ी से कड़ी निंदा होनी चाहिए."

प्रधानमंत्री कार्यालय में केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने भी हमले की निंदा की. उन्होंने कहा, "यह सिर्फ श्रद्धालुओं पर हमला नहीं है, बल्कि देश की मिली-जुली संस्कृति पर हमला है. जहां तक भारत सरकार का सवाल है, तो आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति जरा भी बर्दाश्त न करने वाली है, चाहे यह स्थानीय आतंकवाद हो या विदेशी धरती से हुआ आतंकवाद."

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, "यह हमला हमारी जड़ों पर है. हम इस हमले के दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे." 

'कश्मीर के इतिहास में काला धब्बा'

आतंकवादी हमले से कुछ ही घंटे पहले जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के साथ इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. गिरफ्तार व्यक्तियों में मुजफ्फरनगर वासी संदीप कुमार शर्मा उर्फ आदिल भी शामिल है. महबूबा मुफ्ती की राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री नईम अख्तर ने इस आतंकवादी हमले को 'कश्मीर के इतिहास में काला धब्बा' करार दिया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "इस हमले की कड़ी से कड़ी निंदा भी कम है." अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की हालिया सफलता के बाद इस तरह के हमले की आशंका बनी हुई थी.

उन्होंने ट्वीट किया, "इस साल यात्रा के दौरान हम सभी को इसका भय था. आतंकवादियों के खिलाफ हालिया सफलता और बहुत बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती को देखते हुए यह आशंका थी."

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इस हमले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है और कहा है कि आतंकवादियों को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी. इस बीच अधिकारियों ने कश्मीर घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. जम्मू एवं कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था के हालात को देखते हुए शनिवार को अमरनाथ यात्रा रोक दी गई थी.

First published: 11 July 2017, 8:27 IST
 
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