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मुंबई हमला: डेविड कोलमैन हेडली के 5 अहम खुलासे

अश्विन अघोर | Updated on: 9 February 2016, 8:24 IST

मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में से एक लश्करे-ए-तैयबा के आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने सोमवार को बताया कि साल 2008 में 26/11 हमले से पहले पाकिस्तानी आतंकवादियों ने दो बार मुंबई पर हमले का असफल प्रयास किया.

मुंबई सेशन कोर्ट के स्पेशल जज जीए सनप के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए हेडली ने कई अहम खुलासे किए. मुंबई हमले में दोषी पाए जाने के बाद अमेरिकी अदालत ने हेडली को 35 साल की सजा सुनाई है.

विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम कोर्ट में हेडली से सवाल पूछे, इस दौरान उसने मुंबई हमले के समय दस युवाओं को निर्देश दे रहे पाकिस्तानी हैंडलर्स के नामों की पहचान की.

हेडली ने लश्कर में शामिल होने के बाद अपना नाम बदल लिया था

मुंबई हमले का एक अन्य मुख्य दोषी अबू जिंदाल भी हेडली की गवाही के दौरान अदालत में मौजूद था. हेडली ने उसके सामने ही हमले की पूरी योजना और उसे कैसे अंजाम दिया गया, इसके बारे में चौंकाने वाली जानकारियां दी.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हेडली और हाफिज सईद के खिलाफ 2011 में चार्जशीट दाखिल की थी. हेडली की गवाही के दौरान उनके वकील महेश जेठमलानी भी कोर्ट में मौजूद रहे.

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अबू जिंदाल के वकील एजाज अहमद ने सुनवाई के बाद कहा, 'हेडली की गवाही अबू जिंदाल के खिलाफ जाएगी. हेडली ने हमले में पाकिस्तान आर्मी के शीर्ष सैन्य अफसरों की संलिप्तता स्वीकार की है.'

सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने कहा, 'अभी हेडली ने केवल एक चौथाई सूचना दी है. कुछ दिनों में और जानकारियां सामने आएंगी.'

हेडली को पेशावर में 2002 में ड्रग स्मगलिंग के जुर्म में गिरफ़्तार किया था

पिछले साल दस दिसंबर को 26/11 आतंकी हमलों के मामले में हेडली को वादामाफ गवाह बनाते हुए उसे आठ फरवरी को कोर्ट के सामने पेश होने के आदेश दिए थे. हेडली को कुछ शर्तों के साथ माफी देते हुए मामले में अप्रूवर बनाया गया था. हेडली से कोर्ट ने कहा था कि उसे पूरे मामले की जानकारी देनी होगी.

हेडली के पांच प्रमुख खुलासें:

लश्कर में सक्रिय:

हाफिज सईद के भाषणों से प्रभावित होकर हेडली ने 2002 में लश्करे-ए-तैयबा में शामिल हुआ था. उसने दो साल के ट्रेनिंग के दौरान एके-47 चलाने के अलावा बम बनाना सीखा. इसके अलावा उसने लश्करे-ए-तैयबा के लीडरशिप कोर्स में हिस्सा लिया जहां हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी के भाषण होते थे. उसे कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ लड़ने की इच्छा थी लेकिन हेडली से कहा गया कि महत्वपूर्ण समय में उसकी जरूरत पड़ेगी.

भारत आने के लिए नाम बदला:

हेडली के पिता पाकिस्तानी है जबकि मां अमेरिकी है. उसका जन्म पाकिस्तान में 1960 में हुआ. पहले उसका नाम सैय्यद दाउद गिलानी था. 15 साल की उम्र में वह अपनी मां के साथ अमेरिका चला गया. जब वह हाफिज सईद और साजिद मीर के संपर्क में आया तो उसे मुंबई में रेकी करने का जिम्मा सौंपा गया. भारत में आसानी से प्रवेश पाने के लिए उसने 2006 में अपना नाम बदल लिया.

ड्रग तस्करी:

कश्मीर में भारतीय सेना के खिलाफ लड़ रहे उग्रवादियों के लिए हथियार मुहैया कराने के लिए हेडली ड्रग तस्करी के जरिए फंड जुटाता था. एक बार ड्रग डीलर से मिलने से दौरान पाकिस्तान के खैबर पख्तून क्षेत्र में उसे गिरफ्तार किया गया था. आईएसआई के मेजर इकबाल और मेजर अली की मध्यस्थता के चलते उसकी रिहाई हुई.

भारत का दौरा:

2005 के बाद हेडली ने आठ बार भारत का दौरा किया. सात बार वह इस्लामाबाद के रास्ते जबकि एक बार वह यूएई के रास्ते भारत आया. हर बार उसने मुंबई के कोलाबा, ताज होटल और गेटवे ऑफ इंडिया के आस-पास इलाकों की तस्वीरें खींची और वीडियो बनाई. फिर जानकारियां हाफिज सईद को सौंप दी.

मुंबई पर हमले का दो असफल प्रयास:

26/11 से पहले भी लश्कर ने दो बार आतंकवादी हमले करने की असफल कोशिश की थी. पहली कोशिश सितंबर और दूसरी कोशिश अक्टूबर में की गई थी. दोनों बार 10-10 लोग टीम में शामिल थे. लेकिन उनकी बोट समुद्र में पठार से ठकरा गई जिससे हथियारों का जखीरा नष्ट हो गया. नवंबर, 2008 में आतंकवादियों का प्रयास सफल हो गया जिसमें 166 लोग मारे गए थे.

First published: 9 February 2016, 8:24 IST
fbi
 
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