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कपड़े तय करेंगे कि दर्शन होंगे या नहीं

आशीष पाण्डेय | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST
QUICK PILL
  • एक जनवरी 2016 से तमिलनाडू के हिन्दू मंदिरों में दर्शन करने वाले दर्शनार्थीयों को अपने कपड़ों पर विशेष ध्यान देना होगा.
  • पुरुषों को धोती, पायजामा, शर्ट और कुर्ता पहना होगा. महिलाओं के लिए साड़ी, चुड़ीदार पायजामा, पारंपरिक परिधान निर्धारित हैं.

एक जनवरी 2016 से तमिलनाडु के हिन्दू मंदिरों में दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों को अपने कपड़ों पर विशेष ध्यान देना होगा. मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए नया ड्रेसकोड निर्धारित किया है.

जस्टिस एस. वैद्यनाथन ने अपने फैसले में कहा है कि मंदिर में पुरुषों को धोती, पायजामा, शर्ट और कुर्ता पहना होगा. जबकि महिलाओं के लिए साड़ी, चुड़ीदार पायजामा, पारंपरिक परिधान और बच्चों के लिए पूरे ढंके हुए कपड़े मान्य होंगे. जस्टिस एस. वैद्यनाथन ने कहा की सभी धर्म चाहे वह ईसाइयत हो या इस्लाम, सभी धर्मों में ईश्वर की पूजा के लिए पारंपरिक और अच्छे कपड़े पहनने की बात कही गई है.

जस्टिस वैद्यनाथन ने कहा की सभी धर्मों में ईश्वर की पूजा के लिए पारंपरिक कपड़े पहनने की बात कही गई है

खंडपीठ के फैसले को ध्यान में रखते हुए वेल्लूर किले के श्री जलकंटेश्वर मंदिर ने दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के बाहर ड्रेस कोड से संबंधित बोर्ड लगा दिया है.

मंदिर प्रबंधन के मुताबिक वो मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै खंडपीठ के दिशा निर्देशों का अनुपालन सख्ती से करेंगे और ऐसे किसी भी दर्शनार्थी को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी, जो ड्रेसकोड को नहीं मानेगा.

First published: 31 December 2015, 7:10 IST
 
आशीष पाण्डेय @catchhindi

संवाददाता, कैच हिंदी. बीएचयू से पॉलिटिकल साइंस(आनर्स). जामिया मिल्लिया इस्लामिया एमसीआरसी से मॉस कॉम. मल्टी-मीडिया जर्नलिस्ट के तौर पर डिजिटल, टेलीविज़न, डॉक्यूमेंट्री, रेडियो, सोशल मीडिया कैंपेनिंग, इलेक्शन कैंपेनिंग के लिए काम कर चुके हैं.

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