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अरबों की जनसंख्या का देश किसी एक विचारधारा से नहीं चल सकता- राहुल गांधी

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 September 2018, 13:47 IST
(File Photo)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के सिरी फोर्ट में भारत के विभिन्न हिस्सों से आये शिक्षाविदों से बात की. मंच से शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं यहां आप लोगों के बीच में एक शिक्षक के रूप में संवाद करने नहीं आया हूं बल्कि मैं यहां एक स्टूडेंट के रूप में आया हूं. एक स्टूडेंट के रूप में मैं आप लोगों को सुनना चाहता हूं.

राहुल गांधी ने आगे कहा कि शिक्षा प्रणाली को लेकर मेरे अपने अलग विचार हैं लेकिन में आप लोगों की विचारधारा का सम्मान करता हूं. कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा, भारतीय शिक्षा प्रणाली को अपनी स्वयं की आवाज़ और अपने स्वतंत्र विचार अभिव्यक्त करने की अनुमति होनी चाहिए.''

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का जिक्र करते हुए कहा , ''ओबामा ने जब भारत की तारीफ़ की थी तो उनका मतलब यहां की बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स से नहीं बल्कि यहां के शिक्षकों से था.''

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इसी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की तरफ से आर्थिक रूप से कभी कटौती नहीं की जानी चाहिए. आगे उन्होने ये भी कहा कि आजादी के बाद से हर सरकार ने सफलता ही प्राप्त की है लेकिन ऐसा पहली बार है जब शिक्षकों पर कोई ख़ास विचारधारा थोपी जा रही है. आगे राहुल गांधी ने कहा, ' मैं इसे समझता हूं. एक अरब से अधिक लोगों का देश शायद एक ख़ास सोच पर नहीं चलाया जा सकता है. दरअसल हम अपने लोगों को अभिव्यक्ति की इजाजत देते हैं, यही हमारे देश की ताकत है.''

First published: 22 September 2018, 13:47 IST
 
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