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अटल बिहारी वाजपेयी की इस उपलब्धि ने देश की राजनीति हमेशा के लिए बदल दी

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 August 2018, 18:24 IST
(file photo )

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सबसे ज्यादा लोकप्रिय और पसंदीदा नेता हैं. क्या पक्ष और क्या विपक्ष, सभी दलों के नेता उनका का सम्मान करते हैं. उनके समर्थकों की देशभर में भरमार हैं. वाजपेयी ने गठजोड़ की राजनीति को तमाम विरोधाभासों के बावजूद धरातल पर कामयाब बना दिया. उनको गठबंधन की राजनीति को सफल बनाने के लिए हमेशा याद किया जाएगा. वाजपेयी ही थे, जिन्होंने देश को पहली बार गठबंधन की सरकार चलाने का पहला सफल फॉर्मूला दिया था.

अटल बिहारी वाजपेयी को एक सफल नेता के साथ ही सिद्धांतवादी नेता भी रहे हैं. उन्होंने कभी भी जोड़ तोड़ की राजनीति का समर्थन नहीं किया. यही वो कारण था कि जब वो पहली बार 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने जोड़ तोड़ की राजनीति करने से इनकार कर दिया था. उन्होंने इस्तीफा देना सही समझा था. इसके बाद वह 13 महीने के लिए देश के पीएम बने, लेकिन इस बार भी एक वोट के चलते उनकी सरकार गिर गई. हालांकि इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने फिर से सरकार बनाई और पूरे पांच साल चलाई भी. वो 1999 से 2004 तक पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे हैं.

इसके साथ ही वाजपेयी गठबंधन की सरकार में पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री रहे हैं. उनसे पहले देश में छह बार ऐसे प्रयास हो चुके थे, जब गठबंधन की सरकारें बनीं, लेकिन कोई भी उसे पूरा नहीं कर पाया. पहली बार देश में गठबंधन की गांठों से पार पाते हुए वाजपेयी ने पूरे पांच साल सरकार चलाई. ये वह समय था, जब कहा जा रहा था कि देश में अब गठबंधन ही सत्य है. सरकारें अब गठबंधन की ही बनेंगी. लेकिन उन सरकारों को चला कोई नहीं पाया. ये काम अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने तीसरे कार्यकाल में पूरा किया. 

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First published: 16 August 2018, 17:27 IST
 
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