Home » इंडिया » These things will be cheaper or costlier from 1st October its decision of GST council meeting 37
 

एक अक्टूबर से सस्ती होने जा रही हैं रोजमर्रा की ये चीजें, यहां देखें पूरी लिस्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 September 2019, 16:02 IST

एक अक्टूबर से रोजमर्रा के कुछ सामान महंगे होने जा रहे हैं. दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए है. इस बैठक में कई चीजों से टैक्स कम किया गया है. इसके अलावा कुछ चीजों पर टैक्स बढ़ाया भी गया है. यानी 1 अक्टूबर से कई प्रोडक्‍ट महंगे हो होने जा रहे हैं. वहीं रोजमर्रा के कई सामान सस्ते भी होंगे.

अगर आप होटल में ठहरते हैं तो ये सस्ता होने जा रहा है. GST काउंसिल की गोवा बैठक में सबसे बड़ी राहत होटल इंडस्ट्री को मिली है. अब 1000 रुपये तक किराए वाले रूम्स के लिए टैक्स नहीं देना होगा. वहीं इसके बाद 7500 रुपये तक टैरिफ वाले रूम के किराए पर अब सिर्फ 12 फीसदी जीएसटी लगेगी.

बता दें कि वर्तमान में 7500 रुपये तक टैरिफ वाले होटल रूम पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है. इसी तरह 7500 रुपये से ज्याटा टैरिफ वाले होटल रूम के किराए पर जीएसटी 18 फीसदी कर दिया गया है. जबकि इससे पहले होटल रूम पर 28 फीसदी की दर से टैक्‍स लगता था. जीएसटी की नई दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी.

इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने 28 फीसदी के जीएसटी के दायरे में आने वाले 10 से 13 सीटों तक के पेट्रोल-डीजल वाहनों पर सेस को घटा दिया गया है. अब ये वाहन सस्ते हो जाएंगे. 1200 सीसी के पेट्रोल वाहनों पर सेस की दर 1 फीसदी और 1,500 सीसी के डीजल वाहनों पर 3 फीसदी कर दिया गया है. दोनों तरह के वाहनों पर सेस की मौजूदा दर 15 फीसदी है. वहीं जीएसटी की दर 28 फीसदी है.

जीएसटी काउंसिल की 37 वीं बैठक में समुद्री नौकाओं का ईंधन, ग्राइंडर, हीरा, रूबी, पन्ना या नीलम को छोड़कर अन्य रत्नों पर टैक्‍स की दर घटा दी है.इसके साथ ही भारत में नहीं बनने वाले कुछ विशेष किस्म के रक्षा उत्पादों को भी जीएसटी से छूट दी गई है.

वहीं रेल गाड़ी के सवारी डिब्बे और वैगन पर GST की दर को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया है. यानी अब ये महंगे हो जाएंगे. इसके अलावा पेय पदार्थों पर जीएसटी की वर्तमान 18 फीसदी की दर की जगह 28 फीसदी की दर से टैक्‍स और 12 फीसदी का अतिरिक्त सेस लगाया गया है.

GST काउंसिल की बैठक में जीएसटी के अंतर्गत टैक्‍स देने वाले करदाताओं के रजिस्ट्रेशन को आधार से लिंक करने का भी फैसला किया गया. इसके अलावा रिफंड का दावा करने के लिए 12 डिजिट यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर को अनियवार्य करने पर भी चर्चा हुई.

कम दामों में iPhone 11 खरीदने का शानदार मौका, 20 हजार कम में मिल रहा है ये फोन

First published: 22 September 2019, 16:02 IST
 
अगली कहानी