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आरके पचौरी पर तीसरी महिला ने लगाया यौन शोषण का आरोप

निहार गोखले | Updated on: 31 March 2016, 23:05 IST
QUICK PILL
  • पर्यावरण वैज्ञानिक और टेरी के पूर्व प्रमुख आरके पचौरी पर एक और विदेशी महिला ने लगाया यौन शोषण का आरोप. दो भारतीय महिलाएं पहले ही उनपर ऐसा आरोप लगा चुकी हैं. एक मामले में चल रही है पुलिस कार्रवाई.
  • विदेशी महिला ने कहा कि उसने आरके पचौरी का सच सामने लाने के लिए उसने सामने आने का फैसला किया. महिला ने कहा है कि पचौरी ने विरोध करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया था.

पर्यावरण वैज्ञानिक आरके पचौरी पर तीसरी महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. ये महिला विदेशी नागरिक है. उसने आरोप लगाया है कि जब वो 2008 में पचौरी की सेक्रेटरी थी तब उन्होंने उसका यौन शोषण किया था.

महिला ने अपने बयान में कहा है कि जब उसने पचौरी को यौन उत्पीड़न का विरोध किया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया.

पचौरी करीब तीन दशकों तक द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) के प्रमुख रहे थे. यौन शोषण से जुड़े विवाद के बाद उन्होंने पद छोड़ा.

पढ़ेंः आरके पचौरी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला का इंटरव्यू

विवाद की शुरुआत तब हुई जब टेरी में काम करने वाली एक युवती ने पचौरी पर यौन शोषण के आरोप लगाया. एक अंतरराष्ट्रीय कमेटी ने पचौरी को दोषी पाया लेकिन राज्य औद्योगिक न्यायाधिकरण ने फैसले पर स्थगन आदेश दे दिया.

टेरी के पूर्व प्रमुख आरके पचौरी पर अब तक तीन महिलाएं यौन शोषण का आरोप लगा चुकी हैं

फरवरी 2015 में जब महिला ने पचौरी के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी तो मामले की पुलिस ने भी जांच की. पुलिस ने मामले के आरोपपत्र में पचौरी को पीछा करने, यौन उत्पीड़न और धमकाने का अभियुक्त बनाया है. पुलिस ने सबूत के तौर पर ईमेल और मैसेज जुटाए हैं जो पचौरी ने कथित तौर पर महिला को भेजे थे.

विदेशी महिला के वकील ने बताया है कि पचौरी पर लगे यौन शोषण के आरोपों ने उन्हें सामने आने के लिए प्रेरित किया.

विदेशी महिला ने अपने बयान में कहा है, "पचौरी ने दावा किया था कि उनका कम्प्यूटर हैक हो गया था. लेकिन मेरे हिसाब से ये आरोप उनके चरित्र से मेल खाते हैं. उनका कम्प्यूटर हैक नहीं हुआ था. मैंने सोचा कि मेरा सामने आना सबके हित में है ताकि लोग पचौरी का सच जान सकें."

पढ़ेंः यौन उत्पीड़न के आरोपी आरके पचौरी गये लंबी छुट्टी पर

इस साल फरवरी में एक दूसरी महिला ने पचौरी पर यौन शोषण का आरोप लगाया. दोनों महिलाओं ने वकील वृंदा ग्रोवर और रत्ना अपेंदर के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करायी थी.

इन महिलाओं के अलावा एक पुरुष कर्मचारी ने भी पुलिस को लिखित तौर पर बताया है कि टेरी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे महिलाओं से मिलकर मामला 'सेटल' करने के लिए कहा था.

विदेशी महिला ने अपने बयान में कहा है, "शुरुआत से ही मैंने पचौरी के तौर-तरीकों को दूसरे भारतीय पुरुषों से अलग पाया था. वो अक्सर अपना हाथ मेरी कमर पर रख देते थे. वो इतनी देर तक मुझे गले लगाए रखते थे कि मैं असहज हो जाती थी, वो मेरे गाल चूम लेते थे और मेरी निजी जिंदगी के बारे में पूछते रहते थे."

विदेशी महिला ने आरके पचौरी पर लगाया यौन शोषण का आरोप, कहा विरोध करने पर नौकरी से निकाला

विदेशी महिला ने आरोप लगाया है कि इसकी इंतहा तब हुई पचौरी ने एक वीकेंड पर उसे अपने दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित समर हाउस में निमंत्रित किया. महिला ने कहा है पचौरी ने उनसे साफ कहा कि "घर पर केवल वो और मैं रहेंगे, उनकी पत्नी शहर से बाहर गयी हुुई हैं."

विदेशी महिला के अनुसार जब उसने पचौरी के निमंत्रण ठुकरा दिया तो "उन्हें अच्छा नहीं लगा."

उसके बाद उनका दूसरे विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया लेकिन कभी-कभी वो उन्हें अपने काम के लिए बुलाते थे.

विदेशी महिला ने कहा है, "जब मैंने साफ कह दिया कि मैं उनके संग काम नहीं कर सकती तो उन्होंने एक दिन मुझे अपने दफ्तर बुलाया और कहा कि मेरा अनुबंध समाप्त किया जा रहा है. उसके कुछ हफ्ते बाद मैं दिल्ली से चली आयी."

पढ़ेंः तकनीकी तौर पर टेरी के चांसलर नहीं बन सकते थे आरके पचौरी

विदेशी महिला के अनुसार उसका अनुबंध एक साल का था लेकिन उसे चार महीने में ही नौकरी छोड़नी पड़ी थी.

दूसरी महिला की तरह पुलिस इस महिला की शिकायत का भी संज्ञान नहीं ले रही है.

वृंदा और रत्ना ने दोनों महिलाओं के बयान पुलिस को भेजे थे. रत्ना कहती हैं, "पिछले साल मार्च से अब तक हम पुलिस को तीन बार लिख चुके हैं कि इस महिला का बयान मामले में अहम है. वो इस मामले में गवाही देना चाहती हैं."

आरके पचौरी और उनके वकील आशीष दीक्षित से इस मामले में बातचीत की कोशिशें असफल रहीं.

First published: 31 March 2016, 23:05 IST
 
निहार गोखले @nihargokhale

Nihar is a reporter with Catch, writing about the environment, water, and other public policy matters. He wrote about stock markets for a business daily before pursuing an interdisciplinary Master's degree in environmental and ecological economics. He likes listening to classical, folk and jazz music and dreams of learning to play the saxophone.

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