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पी विजयन बने केरल के मुख्यमंत्री, एलडीएफ सरकार सत्तारूढ़

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2016, 18:13 IST
(एएनआई)

केरल में पी विजयन ने आज राज्य के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. तिरुवनंतपुरम में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में हजारों पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल हुए. इसके साथ ही राज्य में एलडीएफ सरकार आज से सत्तासीन हो गई है.

राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में सीपीआईएम और सीपीआई समेत वामपंथी पार्टियों के गठबंधन (एलडीएफ) को बहुमत हासिल हुआ था. चुनाव में ओमन चांडी के नेतृत्व वाले कांग्रेस के यूडीएफ गठजोड़ को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी.

केरल के राज्यपाल न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) पी सदाशिवम ने पी विजयन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. सीपीआईएम की केंद्रीय समिति ने वयोवृद्ध नेता वीएस अच्युतानंदन के मुकाबले विजयन को तरजीह देते हुए उनके नाम पर मुहर लगाई थी. 72 साल के विजयन ने तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हुए समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. 

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केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन और राज्यपाल पी सदाशिवम (एएनआई)

जनता की सरकार का वादा

विजयन के बाद सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता ई चंद्रशेखरन ने भी मंत्री पद की शपथ ली. केरल की एलडीएफ सरकार में 19 मंत्रियों को राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. विजयन ने राज्य में जनता की सरकार का वादा किया है.

पी विजयन ने इससे पहले कहा, "लोग इस सरकार को बहुत उम्मीद से देख रहे हैं. इंतजार करिए और देखिए." शपथ ग्रहण समारोह के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए थे. समारोह में सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी और पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात भी शामिल हुए.

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राज्य में 16 मई को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का 19 मई को एलान हुआ था. सीपीएम के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन को 140 सदस्यों वाली विधानसभा में 91 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. जबकि कांग्रेस के ओमन चांडी के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन को 47 सीटों पर ही जीत मिली थी. वहीं राज्य में पहली बार बीजेपी ने भी खाता खोलते हुए एक सीट पर जीत दर्ज की थी.

अच्युतानंदन को पीछे छोड़ा

केरल चुनाव में जीत के बाद सीपीआईएम के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि 92 साल के वीएस अच्युतानंदन और पी विजयन में से किसको राज्य की कमान सौंपी जाए.

पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन के हाथ में एलडीएफ के चुनाव प्रचार की कमान थी. उन्होंने पूरे राज्य में धुआंधार रैलियां की थीं. उनकी चुनावी रैलियों में सबसे ज्यादा भीड़ भी देखी गई.

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वहीं सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य 72 साल के पिनरायी विजयन का भी पार्टी और संगठन में काफी दबदबा है. इस चुनाव में विजयन ने भी जमकर प्रचार अभियान में हिस्सा लिया था. आखिरकार अच्युतानंदन से 20 साल छोटे पी विजयन के नाम पर पार्टी की मुहर लगी.

First published: 25 May 2016, 18:13 IST
 
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