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जानिए 2.5 लाख से ज्यादा जमा कराने वाले किन लोगों को देना होगा टैक्स और पैनल्टी?

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 November 2016, 11:40 IST
(पीटीआई)

पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने और उसकी जगह 500 और 2000 रुपए के नये नोट जारी करने के साथ मोदी सरकार ने ब्लैक मनी पर शिकंजा कसने के लिए बुधवार रात एक नया दांव खेला है.

सरकार की ओर से आए नए निर्देश के मुताबिक बड़े नोटों का चलन बंद करने के बाद उन्हें जमा कराने की 50 दिन की छूट की अवधि में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा करने के मामलों में यदि आय घोषणा में विसंगति पाई गई, तो कर और 200 प्रतिशत जुर्माना भरना पड़ सकता है.

इस बात की जानकारी वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव के पद पर तैनात हंसमुख अधिया ने ट्विटर पर दी है.

उन्होंने कहा,''10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 की अवधि में हर बैंक खाते में 2.5 लाख रुपये की सीमा से ज्यादा की सभी नकदी डिपॉजिट की रिपोर्ट हमें मिलेगी.''

उससे आगे अधिया ने कहा,''आयकर विभाग इसका मिलान जमाकर्ता के आयकर रिटर्न से करें. उचित कार्रवाई की जा सकती है.'' खाताधारक द्वारा घोषित आय और जमा रकम में किसी तरह की विसंगति को कर-चोरी का मामला माना जाएगा.

अधिया के मुताबिक छोटे कारोबारियों, गृहिणियों, कलाकारों और कामगारों को इस मामले में चिंतित होने की जरूरत नहीं है, जिन्होंने कुछ नकदी बचाकर घर में रखी हुई है.

उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों को 1.5 लाख या दो लाख रुपये तक की छोटी जमा रकम को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह राशि तो कराधान योग्य आय के दायरे में नहीं आती. छोटी जमा रकम वाले खाताधारक आयकर विभाग से किसी तरह के उत्पीड़न की चिंता नहीं करें."

वहीं लोगों द्वारा आभूषण खरीदे जाने के बारे में उन्होंने कहा, "जवाहरात खरीदने वालों को पैन नंबर देना होगा."

First published: 10 November 2016, 11:40 IST
 
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