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पकड़ा गया दो दशक तक लूट मचाने वाला तेलंगाना का वीरप्पन

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 May 2019, 11:52 IST

लगभग दो दशक तक कई राज्यों की पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार लकड़ी तस्कर और 'तेलंगाना के वीरप्पन' के नाम से मशहूर येडला श्रीनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. तस्कर ने अपने गिरोह के साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के जंगलों दो दशक तक तस्करी की और पुलिस से बचता रहा. अब वन विभाग की टीम ने उसे तेलंगाना में गिरफ्तार किया है. पेडलपल्ली जिले के रामागुंडम में पुलिस द्वारा जाल बिछाए जाने के बाद, 'तेलंगाना के वीरप्पन' श्रीनू को गिरफ्तार किया गया.

तेलंगाना सरकार द्वारा राज्य में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर गंभीर नजर डालने के बाद लकड़ी तस्कर पर पहली बड़ी कार्रवाई हुई. अधिकारियों ने कहा कि पिछले 20 सालों से श्रीनू ने रिजर्व जंगलों में कई पेड़ गिराए. वह तेलंगाना में मनचेरियल, मंथनी और चेन्नूर क्षेत्रों में विशाल वन ट्रैक्टों को नष्ट करने, सागौन की लकड़ी की तस्करी में सक्रिय था. उसने आंध्र, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के जंगलों को भी निशाना बनाया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के बारे में बहुत गंभीरता से विचार किया और पुलिस और वन अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, भले ही वे राजनीतिक रूप से पीछे हट गए हों."

अकेले तेलंगाना में उसके खिलाफ कम से कम 20 मामले दर्ज थे. श्रीनू अपनी चालाकी के कारण हमेशा पुलिस बचता रहा. वह अक्सर लकड़ी किराये की बैलगाड़ियों का इस्तेमाल करता था, जिसकी पुलिस आसानी से जाँच नहीं करती थी. श्रीनू ने किसानों और पशुपालकों और चरवाहों के बीच भय का माहौल भी बनाया, उन्हें पेड़ों की कटाई की जानकारी नहीं देने डराता था. उस पर यह भी आरोप थे कि वह राजनीतिक दलों के सेटों को पैसे देता था.

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First published: 13 May 2019, 11:35 IST
 
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