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तीन तलाक़: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से जुड़ी 5 बड़ी बातें

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 May 2017, 11:26 IST

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक और निकाह हलाला की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि वह बहुविवाह प्रथा पर सुनवाई नहीं करने जा रहा है. एक नज़र इस मामले से जुड़ी पांच अहम बातों पर:

1. प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के सामने सुनवाई के लिए कुल सात याचिकाएं हैं. इनमें से पांच याचिकाएं मुस्लिम महिलाओं ने दायर की हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय में प्रचलित तीन तलाक की प्रथा को चुनौती देते हुये इसे असंवैधानिक बताया गया है..

2. इस पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं. संविधान पीठ स्वतः ही लिये गये मुख्य मसले को 'मुस्लिम महिलाओं की समानता की जुस्तजू' नाम की याचिका के रूप में भी विचार के लिये ले रही है.

3. संविधान पीठ के सदस्यों में सिख, ईसाई, पारसी, हिन्दू और मुस्लिम सहित विभिन्न धार्मिक समुदाय से हैं. इस मामले की सुनवाई इसलिए ज्यादा अहम है, क्योंकि शीर्ष अदालत ने ग्रीष्मावकाश के दौरान इस पर विचार करने का निश्चय किया और उसने यहां तक सुझाव दिया कि वह शनिवार और रविवार को भी बेंच बैठ सकती है, जिससे इस मामले में उठे संवेदनशील मुद्दों पर जल्द फैसला लिया जा सके.

4. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी इस मामले में संविधान पीठ की मदद करेंगे और यह भी देखेंगे कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में न्यायालय किस सीमा तक दखल दे सकता है. शीर्ष अदालत ने खुद ही इस सवाल का संज्ञान लिया था कि क्या महिलायें  तलाक अथवा उनके पतियों द्वारा दूसरी शादी के कारण लैंगिक पक्षपात का शिकार होती हैं.

5. शीर्ष अदालत इस मसले पर विचार करके मुस्लिम समाज में प्रचलित 'तीन तलाक' और 'निकाह हलाला' की संवैधानिक वैधता पर अपना सुविचारित निर्णय भी देगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में अपने एक फैसले में तीन तलाक की प्रथा को एकतरफा और कानून की दृष्टि से खराब बताया था. उच्च न्यायालय ने अकील जमील की याचिका को खारिज करते हुये यह टिप्पणी की थी. अकील की पत्नी ने उसके खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर करके आरोप लगाया था कि वह दहेज की खातिर उसे यातना देता था और जब उसकी मांग पूरी नहीं हुयी, तो उसने उसे तीन तलाक दे दिया.

First published: 11 May 2017, 11:11 IST
 
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