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स्कॉर्पीन पनडुब्बी की टॉप सीक्रेट जानकारी लीक, पर्रिकर ने दिए जांच के आदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 August 2016, 12:38 IST
QUICK PILL
  • ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के हवाले से खबर है कि भारतीय नौसेना के लिए तैयार की गई स्कॉर्पीन पनडुब्बी की युद्धक क्षमता से जुड़ी गुप्त जानकारी लीक हो गई है.
  • 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इस सौदे के तहत बनने वाली कुल छह पनडुब्बियों में से पहली आईएनएस कलवरी इस समय मुंबई के मझगांव डॉक में बनाई जा रही है.
  • रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने नेवी चीफ से रिपोर्ट मांगी है. फ्रांस ने भी इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं. पनडुब्बी फ्रांसीसी शिप बिल्डर डीसीएनएस द्वारा डिज़ाइन की गई है.

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के हवाले से खबर है कि भारतीय नौसेना के लिए तैयार की गई स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बी की युद्धक क्षमता से जुड़ी गुप्त जानकारी लीक हो गई है. यह पनडुब्बी फ्रांसीसी शिप बिल्डर डीसीएनएस द्वारा डिज़ाइन की गई है और भारत में मझगांव डॉक पर बनाई जा रही है.

ऑस्ट्रेलियाई अखबार के मुताबिक उसे पनडुब्बी से जुड़ी गोपनीय जानकारी वाले लीक हो चुके 22,400 पृष्ठ, जिन पर 'रेस्ट्रिक्टिड स्कॉर्पीन इंडिया' लिखा हुआ है, पढ़ने का मौका मिला है. ये पृष्ठ दरअसल पनडुब्बी के संचालन के लिए बनाए गए पूर्ण दस्तावेज (ऑपरेटिंग मैनुअल) का हिस्सा हैं.

छह पनडुब्बियों का डाटा लीक

3.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इस सौदे के तहत बनने वाली कुल छह पनडुब्बियों में से पहली आईएनएस कलवरी इस समय मुंबई के मझगांव डॉक में बनाई जा रही है.

स्कॉर्पीन पनडुब्बियों को अपनी तरह की पनडुब्बियों में सबसे आधुनिक माना जाता है. ये पानी के भीतर इतनी कम आवाज़ करती हैं कि इनकी भनक लगना बेहद मुश्किल होता है.

फाइल फोटो

रक्षा मंत्री ने नेवी चीफ से मांगी रिपोर्ट

भारतीय नौसेना में शामिल होने के लिए फ्रांस की मदद से बन रहीं 6 पनडुब्बियों से जुड़े दस्‍तावेज और डाटा के लीक होने का खुलासा होने के बाद नौसेना में खलबली मच गई.

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से जानकारी सामने आने के बाद यह मामला अब पीएमओ तक जा पहुंचा है. इस बीच रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस मामले में नौसेना प्रमुख से रिपोर्ट मांगी है. 

खबरों के मुताबिक इस मामले से संबंधित दस्तावेज एक फ्रांसीसी कंपनी से लीक हुए हैं. पर्रिकर ने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किस तरह का डाटा लीक हुआ है. फ्रांस ने भी इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

कहां से लीक हुए दस्तावेज?

'द ऑस्ट्रेलियन' अखबार के हवाले से खबर है कि लीक हुए दस्तावेजों में नई सबमरीन फ्लीट के युद्धक क्षमता के बारे में जानकारी मौजूद है. इसके अलावा हजारों पृष्ठों में पनडुब्बी के सेंसरों के बारे में और कुछ हजार पृष्ठों में इसके संचार और नेविगेशन सिस्टम के बारे में विस्तार से बताया गया है.

तकरीबन 500 पृष्ठों में सिर्फ टॉरपीडो लॉन्च सिस्टम के बारे में जानकारी दी गई है. फिलहाल इस बात को लेकर संशय बना हुआ कि दस्तावेज भारत में लीक हुए या फ्रांस में. 

पूर्व फ्रांसीसी नेवी अफसर पर शक

ऑस्ट्रेलियाई अखबार के मुताबिक डीसीएनएस का कहना है कि संभव है कि दस्तावेज भारत में लीक हुए हों, फ्रांस में नहीं. हालांकि अखबार ने कहा कि इन दस्तावेजों के बारे में माना जाता है कि वे वर्ष 2011 में फ्रांस से ही उस पूर्व फ्रांसीसी नौसेनाधिकारी ने निकाले, जो उस वक्त डीसीएनएस का सब-कॉन्ट्रैक्टर था.

डीसीएनएस ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया है कि उन्हें ऑस्ट्रेलियन प्रेस में छपी खबरों के बारे में पता है, और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

डीसीएनएस के मुताबिक, "जांच में पता लगाया जाएगा कि किस तरह के दस्तावेज लीक हुए हैं, उनसे हमारे ग्राहकों को क्या-क्या नुकसान हो सकता है, और इस लीक के लिए कौन लोग दोषी हैं?"

ऑस्ट्रेलिया ने लीक को बताया चिंताजनक

गौरतलब है कि इसी पनडुब्बी के अन्य वेरिएंट मलेशिया और चिली इस्तेमाल करते हैं. ब्राज़ील भी 2018 में इन्हीं को तैनात करने वाला है. इसके अलावा इसी साल अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया ने भी डीसीएनएस के साथ 50 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का सौदा किया है. 

हालांकि ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल ने इस लीक से कॉन्ट्रैक्ट पर होने वाले असर को नकारा है. मैलकम ने कहा है कि लीक चिंताजनक है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया स्कॉर्पीन के जिस मॉडल को खरीद रहा है वह बिल्कुल अलग है. 

12 बैराक्यूडा पनडुब्बी की डील

मैलकम ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से कहा, "फ्रांस के साथ जिस पनडुब्बी का हम इस्तेमाल कर रहे हैं या करेंगे उसका नाम बैराक्यूडा है. यह स्कॉर्पीन सबमरीन से बिल्कुल अलग है, जो भारत के लिए बन रही है."

ऑस्ट्रेलिया ने पनडुब्बियों का कॉन्ट्रैक्ट डीसीएनएस को दिया है, लेकिन उनकी 12 शॉर्टफिन बैराक्यूडा पनडुब्बियों के लिए गुप्त युद्धक प्रणाली अमेरिका द्वारा दी जा रही है.

यह पनडुब्बियां फ्रांस की 4,700 टन वाली बैराक्यूडा पनडुब्बियों का कम ताकत वाला संस्करण हैं. डीसीएनएस की वेबसाइट के मुताबिक नई पनडुब्बियों में फ्रांस की सर्वाधिक संवेदनशील व सुरक्षित पनडुब्बी तकनीक इस्तेमाल की जाएगी, और आज तक बनीं सभी पनडुब्बियों से ज्यादा मारक परंपरागत पनडुब्बी साबित होगी.

First published: 24 August 2016, 12:38 IST
 
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