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पर्यटक पहुंचा पीएमओ और ठग टैक्सी ड्राइवर चढ़ा कानून के हत्थे

अश्विन अघोर | Updated on: 10 April 2016, 13:06 IST
QUICK PILL
  • पीड़ित पर्यटक ठगने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराते या फिर शिकायत करते हैं, तो कार्रवाई होने तक इंतजार नहीं करते
  • लेकिन सिंगापुर के रहने वाले रेमंड यो थोड़े अलग हैं. यो ने मुंबई में एक टैक्सी ड्राइवर के ठगी का मामला पीएमओ तक पहुंचा दिया

यूपीए और एनडीए, दोनों ही सरकारों का जोर देश को पर्यटन मानचित्र पर पंसदीदा स्थल के रूप में विकसित करने पर रहा है.

भारतीय पर्यटन विकास निगम भी समय-समय पर टूरिस्ट गाइड, एजेंटों, टैक्सी ऑपरेटरों और ड्राइवरों को 'अतिथि देवो भवः' का पाठ संजीदगी से समझाने के कार्यक्रम चलाता रहता है.

इसके मामले में जागरुकता फैलाने के लिए बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर खान ने विज्ञापनों की एक पूरी श्रंखला की ताकि लोगों को पर्यटकों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके.

इन बेहतरीन प्रयासों के बावजूद अब भी कई ऐसे लोग हैं जो विदेशी पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी से बाज नहीं आते.

लाख प्रयासों के बावजूद भारत में कुछ लोग विदेशी पर्यटकों के साथ ठगी से बाज नहीं आते

ऐसे अपराधियों की संख्या महानगरों, विशेषकर मुम्बई में काफी है. विदेशी पर्यटकों को देखते हैं तो एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, टैक्सी स्टैंडों पर और यहां तक कि बाजारों में भी लोग उन्हें घेर लेते हैं.

अधिकांश मामलों में इनका कुछ बिगड़ता भी नहीं और ये साफ बच निकलते हैं क्योंकि या तो पीड़ित उनके खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराते या फिर शिकायत करते हैं, तो कार्रवाई होने तक इंतजार नहीं कर सकते.

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लेकिन सिंगापुर के रहने वाले रेमंड यो थोड़े अलग हैं. यो के साथ पिछले साल मुम्बई के एक टैक्सी ड्राइवर ने धोखाधड़ी की थी. उन्होंने चुप रहने की बजाय धोखेबाज को सजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय तक मामला पहुंचाने की ठान ली.

आखिरकार धोखेबाज टैक्सी ड्राइवर को सजा मिल ही गई. उसका ड्राइविंग लाइसेंस और टैक्सी परमिट एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है.

यो से कैसे हुई धोखाधड़ी

पिछले साल 11 अप्रैल को यो ने एक पांच सितारा होटल से छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 तक जाने के लिए एक टैक्सी किराए पर ली. होटल से एयरपोर्ट की दूरी महज एक किलोमीटर है. वहां तक जाने के लिए दोनों के बीच 200 रुपए किराया तय हो गया.

फिर भी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कैब ड्राइवर ने यो से कहा कि तुम्हारा सामान भारी है, इसलिए तुम्हें 500 रुपए देने पड़ेंगे. आरोपी टैक्सी ड्राइवर की पहचान बाद में जमील अहमद खान के रूप में हुई.

यो ने इसकी शिकायत भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय से की. अपनी शिकायत में यो ने कहा कि टैक्सी ड्राइवर ने मीटर के किराए पर चलने से मना कर दिया था, फिर भी वह 200 रुपए में एयरपोर्ट तक जाने के लिए सहमत हो गया था.

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यो ने शिकायत में लिखा कि "फिर भी, एयरपोर्ट पहुंचने पर ड्राइवर ने यह कहते हुए 500 रुपए की मांग की कि सामान बहुत भारी था. यह भारत की छवि और पर्यटन के लिए बहुत बुरा है, आपको ऐसे बदमाश टैक्सी ड्राइवरों से छुटकारा पाना होगा.”

प्रधानमंत्री कार्यालय ने शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया और महाराष्ट्र के परिवहन विभाग को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

पीएमओ ने विदेशी पर्यटक यो की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया

विभाग को जब बीते 28 मार्च को निर्देश मिले तो उसने युद्धस्तर पर धोखेबाज टैक्सी ड्राइवर और कार की तलाश शुरू कर दी.

सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से विभाग के अधिकारियों ने छह अप्रैल को कार की पहचान कर ली. धोखेबाज टैक्सी चालक की पहचान जमील अहमद खान के रूप में हुई.

शुरू में तो जमील ने यो से धोखाधड़ी की बात से साफ इनकार कर दिया, लेकिन जब अधिकारियों ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.

एक और बड़ी समस्या

इस मामले की जांच-पड़ताल में न सिर्फ बदमाश चालक की पहचान उजागर हो गई, बल्कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया की खामियां भी उजागर हो गईं.

इस मामले में जिस कंपनी का नाम सामने आया उसका नाम है ठाणे की महक टुअर्स एंड ट्रैवल्स. ठाणे के एक वरिष्ठ आरटीओ अधिकारी ने बताया, “चूंकि कार ठाणे में रजिस्टर्ड थी, इसलिए शिकायत हमारे कार्यालय में भेज दी गई थी.

पीएमओ से शिकायत आने के कारण इसे प्राथमिकता पर लिया गया. लेकिन जब हमारा स्टाफ कार रजिस्ट्रेशन पर दर्ज पते पर पहुंचा तो पता चला कि ऐसा तो कोई पता अस्तित्व में ही नहीं है.”

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उन्होंने बताया, “सही पता वाहन के बीमे के दस्तावेजों से मिला. उसी के सहारे हम सही पते तक पहुंचे, लेकिन वहां भी न हमें कार का मालिक मिला और न ड्राइवर.”

इसके बाद कार का रजिस्ट्रेशन नंबर सामाजिक कार्यकर्ताओं और आरटीओ की मदद करने वाले गैर-सरकारी संगठनों में बांट दिया गया.

इसी के जरिए जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कार का पता लगा लिया. बाद में इसे अधिकारियों ने जब्त कर लिया.

First published: 10 April 2016, 13:06 IST
 
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