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खूनी गोरक्षा: दो साल का कच्चा चिट्ठा हत्या और हिंसक वारदातों से भरा पड़ा है

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 April 2017, 9:57 IST

 


मई 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से ही गोरक्षकों ने गोरक्षा के नाम पर मनमानी शुरू कर दी. दादरी में मोहम्मद अखलाक से लेकर लातेहर में मजलूम अंसारी और इम्तियाज़ खान, और हाल ही में अलवर में पहलू खान... गोरक्षकों ने कइयों की हत्याएं कीं.


मरने वालों में ज्यादातर मुस्लिम हैं, पर दलितों को भी कीमत चुकानी पड़ी. पिछले साल उना (गुजरात) में दलितों को गोरक्षा के नाम पर बेरहमी से पीटा गया. गोरक्षकों ने वैचारिक समानता रखने वाले लोगों तक को नहीं बख्शा. बजरंग दल के गुंडों ने मेरठ में मीट की दुकान पर छापे के दौरान भाजपा कार्यकर्ता तक को पीटा.


देशभर से मिले समाचारों से कई गोरक्षकों के रैकेट का खुलासा हुआ है. ये रैकेट जबर्दस्ती वसूली के धंधे में लिप्त हैं.
मेवात इलाके में मेवाती मुसलमानों के साथ काम करने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता नूर मोहम्मद कहते हैं, ‘यह बिजनेस है. गोरक्षक पैसा मांगते हैं. आप देते हैं, तो वे छोड़ देते हैं. वरना आपके पशु और पैसा छीन लेते हैं. गायों की तस्करी का आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करते हैं.’ मेवात गोरक्षकों का अड्डा रहा है क्योंकि यहां के कई मेवाती मुसलमानअपनी आजीविका के लिए डेयरी फार्मिंग पर निर्भर हैं. पहलू खान भी नूह के डेयरी फार्मर थे, जो इस क्षेत्र में है.

 

राजस्थान के आपराधिक आंकड़े मोहम्मद के इस दावे को पुष्ट करते हैं. 2015 में पुलिस ने राजस्थान बोवीन एनिमल एक्ट 1995 के अधीन रजिस्टर किए 73 मामलों को फर्जी पाने के बाद रद्द किया. 2016 में ऐसे 85 मामले और इस साल फरवरी तक पांच मामले रद्द किए. दादरी में मोहम्मद अखलाक को गाय की हत्या के शक पर क्रुद्ध भीड़ ने मार डाला था. उसके 11 महीने बाद पीएम मोदी ने गोरक्षकों पर अपनी चुप्पी तोड़ी.

 

 

पीएम ने दिल्ली में आमंत्रित दर्शकों को टाउन हॉल में कहा, ‘मैं सच में नाराज हूं कि कुछ लोगों ने गोरक्षा के नाम पर दुकानें खोल ली हैं. कुछ लोग रात में समाज-विरोधी गतिविधियां करते हैं, और दिन में गोरक्षक बनते हैं.’पर पीएम के यह कहने के बावजूद गोरक्षकों के कारनामे लगातार जारी हैं.

दो साल का लेखा-जोखा


4 मार्च 2015: महाराष्ट्र सरकार ने गाय के मांस पर प्रतिबंध लगाया और आदेश दिया कि जिस किसी के पास यह मिला, तो उसे पांच साल की कैद होगी और 10 हजार रुपए जुर्माना देना पड़ेगा. महाराष्ट्र में 1976 के कानून ने गाय के वध पर रोक लगाई थी, जबकि नए एक्ट ने बैलों और सांडों के वध पर रोक लगाई.


16 मार्च 2015: हरियाणा ने गाय के मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए एक कड़ा विधेयक पारित किया. यहां महाराष्ट्र जैसी ही पांच साल की सख्त सजा मुकर्रर की गई, पर जुर्माना 50 हजार रुपए तक रखा गया.


30 मार्च 2015: अब्दुल गफ्फार कुरैशी (60) को राजस्थान के नागौर जिले में खिमसर तहसील के बिरलोका गांव में पीट-पीट कर मार डाला. इस अफवाह पर कि उन्होंने दावत के लिए 200 गायों का वध किया है. मृत गायों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर थीं. हजारों की संख्या में युवक कुम्हारी गांव में इकट्ठे हुए और अब्दुल की बर्बरता से हत्या कर दी.

29 अगस्त 2015: ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार के करीब, चिल्ला गांव के लोग चार ट्रक ड्राइवरों से भिड़ गए. कहा गया कि वे गाजीपुर के कसाईखाने में भैंसे ले जा रहे थे.

28 सितंबर 2015: दादरी स्थित बिसहड़ा गांव में क्रुद्ध भीड़ ने मोहम्मद अखलाक को पीट-पीटकर मार डाला. अफवाह फैलाई गई थी कि उन्होंने एक गाय को मार कर उसका गोश्त ईद पर खाया था.

1 अक्टूबर 2015: केरल के त्रिसूर में श्री केरल वर्मा कॉलेज के 6 छात्रों को निलंबित किया गया. उन्होंने दादरी में अखलाक के साथ हुई मारपीट के विरोध में कॉलेज परिसर में गाय के मांस की दावत रखी थी.


6 अक्टूबर 2015: कर्नाटक में एक पशु व्यवसायी पर गाय चुराने का आरोप लगाकार बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लोहे की छड़ से हमला किया. पर वह बाल-बाल बच गया.

9 अक्टूबर 2015: यूपी के मैनपुरी जिले में एक गाय के वध की अफवाह पर क्रुद्ध भीड़ ने उपद्रव मचाया.

9 अक्टूबर 2015: श्रीनगर जा रहे एक ट्रक पर पेट्रोल बम से हमला किया गया. उसमें दो कश्मीरी और एक पुलिस वाला था. बम से जले तीनों जीवन के लिए जूझते रहे और उनमें से एक बाद में मर गया. यह हमला दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने किया था.

16 अक्टूबर 2015: पशुओं की तस्करी के आरोप में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गांव वालों ने एक आदमी को बेकायदा मारा.

19 अक्टूबर 2015: कट्टर हिंदुवादियों ने दिल्ली में जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद पर काली स्याही फेंकी. उन्हें पहले भी श्रीनगर में गाय के मांस की दावत रखने के लिए पीटा गया था.

3 दिसंबर 2015: हरियाणा के पलवल जिले में जब गांव वालों ने कथित रूप से गाय का मांस ले जा रहे ट्रक को रोका, तो जबर्दस्त हिंसा भडक़ी.


13 जनवरी 2016: गाय का मांस ले जाने का आरोप लगाते हुए गोरक्षकों ने मध्यप्रदेश में खिरकिया रेलवे स्टेशन पर एक दंपती पर हमला किया.


18 मार्च 2016: झारखंड के लातेहर जिले में मजलूम अंसारी और उनके बेटे इम्तियाज खान (15) को पीटा और पेड़ से लटका दिय. वे पशु मेले से खरीद कर गाएं ले जा रहे थे. संदेह है कि पीटने वाले स्थानीय गोरक्षक इकाई से हैं. उनमें से एक बजरंग दल का कार्यकर्ता बताया गया.


2 अप्रैल 2016: कुरुक्षेत्र, हरियाणा में कथित गोरक्षकों ने गाड़ी में भैंस ले जारे मुस्तन अब्बास को मार डाला. 9 मई को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच के आदेश दिए.


6 मई 2016: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि आयातित गाय के मांस को रखना और काम में लेना अब अवैध नहीं माना जाएगा, पर महाराष्ट्र सरकार के गाय और बैल के वध पर रोक के आदेश को यथावत रखा.


2 जून 2016: राजस्थान के प्रतापगढ़ में कथित पशु्ओं के तस्करों को गोरक्षकों ने बर्बरता से पीटा. पिटाई के बाद बेहोश होने पर उन्होंने नंगे बदन तस्वीरें लीं.


10 जून 2016: हरियाणा में कथित गुड़गांव गोरक्षकों ने मांस ले जा रहे दो जनों को बर्बरता से पीटा और उन्हें जबर्दस्ती गोबर खिलाया.


10 जून 2016: बजरंग दल के सदस्यों ने कर्नाटक के कूपा में एक दलित परिवार पर बर्बरता से हमला किया, दावा करते हुए कि उनके घर में गाय का मांस है.


11 जुलाई 2016: करीब 35 गोरक्षकों ने गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के उना में मृत गायों की चमड़ी निकालने के लिए दलित परिवार के 7 सदस्यों को पीटा.


26 जुलाई 2016: मध्यप्रदेश में मंदसौर रेलवे स्टेशन पर गाय का मांस ले जाने के शक में दो मुसलमान महिलाओं को पीटा.


30 जुलाई 2016: यूपी के मुजफ्फरनजर जिले में गाय का वध करने के शक में गुस्साई भीड़ ने एक मुस्लिम परिवार पर हमला किया.

 

5 अगस्त 2016: लखनऊ में मरी हुई गाय को हटाने से इनकार करने पर दो दलितों को पीटा. दलित कार्यकर्ता उना हमले के बाद से ही उनके समुदाय पर बढ़ते हमलों का विरोध कर रहे थे.


18 अगस्त 2016: उडपी, कनार्टक में गाय की तस्करी के शक पर हिंदू दक्षिणपंथी संगठन ने भाजपा के कार्यकर्ता प्रवीन पुजारी को मार डाला.


24 अगस्त 2016: मेवात, हरियाणा में 10 कथित गोरक्षकों ने एक मुस्लिम दंपती रशीदन और इब्राहिम को मार डाला. इन्हीं के परिवार के दो अन्य सदस्यों आयशा और जफरुद्दीन को गंभीर रुप से घायल कर दिया. गाय का मांस खाने के आरोप में परिवार की एक महिला (21) और किशोरी (16) के साथ गैंग रेप किया.


18 सितंबर 2016: मोहम्मद अयूब मेव (25 ) पिक अप में एक भैंस और एक बछड़ा ले जा रहे थे. दुर्घटना हो जाने से बछड़ा मर गया, तो गोरक्षकों ने उसे बर्बरता से पीटा, जिसने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया.


18 मार्च 2017: जयपुर में होटल हयात रब्बानी पर गोरक्षकों ने हमला किया. प्रबंधन पर गायों को मांस खिलाने और गाय के मांस की दावत रखने का आरोप लगाया गया. उन्होंने 19 साल के सहायक कासिम को बुरी तरह पीटा, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर ले गई. अधिकारियों ने बाद में होटल सील कर दिया. हालांकि बाद में सबकुछ अफवाह निकला.


22 मार्च 2017: राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद ही हाथरस, उत्तरप्रदेश में गोरक्षकों ने मीट की कई दुकानों को जलाया और तोड़-फोड़ की.

24 मार्च 2017: योगी आदित्यनाथ की यूपी सरकार ने लाइसेंस नहीं होने पर 12 कसाईखानों को सील किया.

26 मार्च 2017: मेरठ के जयभीमनगर इलाके में बजरंग दल कार्यकताओं ने मीट की दुकान पर छापा मारा और उसके मालिक-राहुल राघव और अनुज चौधरी को पुलिस के पास ले गए. उन्होंने भाजपा के कार्यकर्ता राहुल ठाकुर को मीट के व्यवसायियों के साथ संबंध के शक पर पीटा भी.


31 मार्च 1947: गुजरात सरकार ने एक संशोधन पारित किया, जिसमें गाय को मारने की सजा उम्र कैद कर दी गई.


1 अप्रैल 2017: छतीसगढ़ मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ऐलान किया कि उनके राज्य में गाय का वध करने वालों को उनकी सरकार फांसी देगी.


4 अप्रैल 2017: अलवर, राजस्थान में डेयरी फार्मर पहलू खान (55)को गोरक्षकों ने इतना पीटा कि उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया. उन्होंने अपने साथियों के साथ जयपुर से दुधारु गाएं खरीदी थीं और गाड़ियों में अपने गांव नूह ले जा रहे थे.

First published: 9 April 2017, 9:57 IST
 
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