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अब ट्रेन में ज्यादा सामान लेकर करेंगे सफर, तो भरना पड़ेगा जुर्माना

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 June 2018, 11:27 IST

अगर आप ट्रेन में सफर के दौरान ज्यादा सामान/लगेज लेकर चलते हैं तो आपके लिए परेशान करने वाली खबर है. क्योंकि रेलवे जल्द ही ट्रेन में सफर के दौरान ज्यादा सामान ले जाने वालों से जुर्माना वसूल करना शुरु करेगी. इसके लिए रेलवे देशभर के सभी रेल मंडलों में 8 से 22 जून तक एक अभियान चलाएगा.

इस अभियान के दौरान रेलवे ऐसे यात्रियों पर नजर रखेगा जो ट्रेन में रिजर्व कोच में निर्धारित वजन से अधिक सामान लेकर चलते हैं. बता दें कि रेलवे द्वारा निर्धारित वजन से अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों से रेलवे जुर्माना भी वसूल कर सकता है. इस अभियान के दौरान रेलवे यात्रियों को ट्रेन में सफर के दौरान लगेज के वजन के संबंध में भी जानकारी देगा.

बता दें कि फिलहाल ट्रेन की अलग-अलग श्रेणी में निर्धारित वजन ले जाने की छूट है. हालांकि निर्धारित वजन से अधिक ले जाने पर यात्री अभी जर्माने से बच जाते हैं. अब ऐसे यात्रियों जुर्माने से नहीं बच पाएंगे. फिलहाल ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में 70 किलो वजन ले जाने की सीमा है. इसके अलावा अधिकतम छूट 15 किलो तक है.

 

वहीं सेकंड एसी के यात्री 50 किलो वजन किसी परेशाने के ले जा सकते हैं. उन्हें इसमें अधिकतम 10 किलो की छूट मिलती है. वहीं थर्ड एसी में मुफ्त सीमा 40 किलो वजन ले जाने की है, जबकि अधिकतम छूट 10 किलो है.

वहीं स्लीपर क्लास के यात्री 40 किलो वजन के साथ यात्रा कर सकते हैं. उन्हें इसमें अधिकतम छूट 10 किलो दी जाती है. वहीं, जनरल क्लास में मुफ्त सामान ले जाने की सीमा 35 किलो और अधिकतम सामान ले जाने की छूट 10 किलो है.

 

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इन सभी श्रेणियों में निशुल्क सीमा से अधिक सामान यात्री बुक कराकर ले जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर गंतव्य पर पहुंचने के बाद जांच के दौरान यात्री के पास निशुल्क सीमा से अधिक सामान पाया गया तो अतिरिक्त सामान पर पार्सल चार्ज का 6 गुना अधिक अथवा न्यूनतम 50 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा.

दरअसल जनरल, स्लीपर एवं थर्ड एसी श्रेणी में अमूमन देखा गया है कि यात्री अधिक सामान लेकर सफर करते हैं. ऐसे में कोच के अंदर गैलरी तक ब्लॉक हो जाती है. इससे ट्रेन में अन्य यात्रियों को भी परेशानी होती है. रेलवे इसी तरह की परेशानियों से यात्रियों को छुटकारा दिलाने की कोशिश कर रहा है.

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First published: 5 June 2018, 11:27 IST
 
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