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ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने पर नहीं मिलेगी सजा, कई प्रावधानों को हटाने की बन रही योजना

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 June 2020, 13:10 IST

Indian Railway: अगर आप ट्रेन (Train) से यात्रा (Travelling) कर रहे हैं और आप टिकट (Ticket) लेना भूल गए या फिर जल्दीबाजी में टिकट नहीं ले पाए तो आपको अब सजा नहीं मिलेगी. रेलवे ऐसे ही कई प्रावधानों को समाप्त करने जा रहा है. जिसमें बिना टिकट यात्रा करने के साथ-साथ पायदान पर यात्रा करने जैसे छोटे अपराधों के लिए कारावास के प्रावधानों को हटाने पर विचार किया जा रहा है. जिसके तहत इन छोटे अपराधों के लिए किसी को कारावास में नहीं डाला जाएगा. दरअसल, अदालतों पर मामलों का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार कई भारतीय कानूनों और प्रावधानों को हटाने का विचार कर रही है. इसमें रेलवे अधिनियम-1989 के अंतर्गत एक अवैध गतिविधि के रूप में भीख मांगने जैसे अपराधों को हटाना भी शामिल किया गया है.

इस योजना से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि मंत्रालय ने अब कानून के सभी प्रावधानों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है और यह संभव है कि मामूली उल्लंघनों के खिलाफ मुकदमा चलाना आसान हो. बता दें कि भारतीय रेलवे नेटवर्क के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी, रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि कैबिनेट सचिव ने सभी मंत्रालयों से ऐसे छोटे अपराधों की समीक्षा करने को कहा था. उन्होंने बताया कि अभी इन कानूनों की समीझा की जा रही है. फिलहाल संदिग्धों पर कार्रवाई का जिम्मा गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) को सौंपा जाता है, जो अपराध की जांच और मुकदमा चलाती है.


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ट्रेनों और रेलवे परिसर में यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा आरपीएफ और जीआरपी की ही संयुक्त जिम्मेदारी होती है. मामूली अपराधों के लिए गिरफ्तारी और अभियोजन की जिम्मेदारी आरपीएफ के पास होती है. वहीं कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने एक जून को सभी मंत्रालयों और विभागों को एक पत्र में समीक्षा के लिए कहा था. बता दें कि वर्तमान में ट्रेन, रेलवे स्टेशन या रेलवे की संपत्ति पर अपराध करने पर जुर्माना, कारावास या दोनों का प्रावधान है. लेकिन नए कानून बनने का साथ कारावास में डालने की सजा को खत्म किया जाएगा.

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जिन अपराधों में अब जेल की अवधि शामिल नहीं होगी उनमें बिना किसी कारण के अलार्म चेन खींचना, बिना प्राधिकरण के यात्रा करना, आरक्षित कोच में यात्रा, उपद्रव करना, रेलवे परिसर में धूम्रपान करना, इधर-उधर कूडा फेंकना, लेडिज कोच में यात्रा करना या यहां वहां से गुजरना शामिल है. अधिकारियों के अनुसार अधिनियम के तहत 16 वर्गों को हटाने के लिए पहचाना गया है.

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बता दें कि फिलहाल बिना टिकट यात्रा करने पर यात्री से 1000 रुपये जुर्माना वसूलने के साथ छह महीने जेल की सजा का प्रावधान है. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में रेलवे अधिनियम में 37 दंडात्मक अपराध शामिल हैं. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अनुसार साल 2019 में चेन पुलिंग की घटनाओं की संख्या 55,373 रही. इनमेें से 45,784 को लोगों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही 43,951 के खिलाफ मुकदमा चलाया गया है.

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First published: 17 June 2020, 13:10 IST
 
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