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राज्यसभा में हंगामे के बीच तीन तलाक बिल पेश, हंगामे की वजह से कार्यवाही स्थगित

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2018, 17:18 IST

राज्यसभा में बुधवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हंगामे के बीच तीन तलाक बिल पेश किया. विपक्ष महाराष्ट्र के पुणे मे जातीय संघर्ष को लेकर हंगामा कर रहा था. हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही पहले भी स्थगित भी करनी पड़ी. दोपहर में राज्यसभा में कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक' सदन में रखा.

राज्यसभा में विपक्ष ने इस बिल को पास होने से पहले पहले सेलेक्ट कमिटी के पास भेजने की मांग की. कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने इन संशोधनों का प्रस्ताव उच्च सदन में रखा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिना किसी संशोधन के इसे सदन से पास कराना चाह रही है. इसके बाद इस मामले को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ और उपसभापति ने कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित कर दी.

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस पर इस बिल पर संशोधन लाने को लेकर हमला बोला. जेटली ने कहा कि लोकसभा में जब कांग्रेस इस बिल को पास कराने में हमारे साथ थी तो यहां विरोध क्‍यों कर रही है. आनंद शर्मा द्वारा लाए गए संशोधन प्रस्ताव का अरुण जेटली ने विरोध करते हुए कहा कि ये संशोधन 24 घंटे पहले दिए जाने चाहिए थे, इसे अचानक लाने पर सदन आश्चर्यचकित है.

इससे पहले आंनद शर्मा ने राज्यसभा में तीन तलाक पर संशोधन प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इस बिल को पास होने से पहले सलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाय. आनंद शर्मा ने विपक्षी पार्टियों के सदस्यों के नाम भी उपसभापति को दिए जो तीन तलाक पर बनने वाली सेलेक्ट कमिटी में होंगे.

शर्मा ने कहा कि सरकार अपने सदस्यों के नाम सुझाए. कांग्रेस नेता का कहना था कि ये सेलेक्ट कमिटी बजट सत्र के दौरान अपने सुझाव सौंपेगी. उनका कहना था कि सरकार पहले संशोधनों को स्वीकार करें और फिर बिल को सेलेक्ट कमिटी को भेजें. अगर 22 फरवरी इसकी डेडलाइन है तो सलेक्ट कमेटी के सुझावों के मुताबिक इसे बजट सत्र के पहले हफ्ते में लाए.

इससे पहले कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 पेश किया.  प्रसाद ने कहा कि लोकसभा में तीन तलाक बिल पारित होने के बावजूद एक मुस्लिम महिला को यूपी के मुरादाबाद में दहेज को लेकर एक बार में तीन तलाक दिया गया. 

विपक्ष को इन प्रावधानों पर है ऐतराज़

कांग्रेस समेत अधिकतर विपक्ष को  इस बिल के कुछ प्रावधानों को पर कड़ी आपत्ति है. विपक्ष इस प्रस्तावित कानून में एक बार में तीन तलाक कहने पर पति के ऊपर आपराधिक मुकदमा किए जाने के खिलाफ है. इसके साथ ही उसे प्रस्तावित कानून में होने वाली सजा से भी एतराज है. इसके साथ ही तीन तलाक की पीड़िता महिला को मिलने वाले गुजारे भत्ते को लेकर भी उसकी कुछ शंकाएं हैं, जिनमें वो संशोधन चाहता है.

 

राज्यसभा में ये है गणित

राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं. इसमें से सात सीटें अभी खाली हैं. 238 सदस्यीय राज्यसभा में कांग्रेस 57 और भाजपा के पास 57 सीटें हैं. इनके अलावा समाजवादी पार्टी के पास18, अन्नाद्रमुक के पास 13, तृणमूल कांग्रेस के पास 12, बीजेडी के पास 8, लेफ्ट के पास 8, टीडीपी के पास 6, एनसीपी के पास 5, द्रमुक के पास 4, बसपा के पास 4 और राजद के कुल 3 सदस्य हैं. वहीं, भाजपा के पास सहयोगी एनडीए दलों के 20 सांसद हैं.

First published: 3 January 2018, 17:18 IST
 
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