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राज्यसभा में अगले हफ्ते तीन तलाक विधेयक को पास करा पाएगी मोदी सरकार?

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 December 2017, 16:53 IST

मोदी सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक को अपराध करने वाला विधेयक पारित करा लिया. मोदी सरकार अब तीन तलाक संबंधी 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक' को अगले हफ्ते राज्य सभा में पेश करेगी. गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी को समाप्त हो रहा है. ऐसे में मोदी सरकार की राज्यसभा में पारित कराने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी.

राज्यसभा में अगर तीन तलाक बिल पास हो जाता है तो फिर उसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद ये बिल कानून का रुप ले लेगा. इसके बाद एक बार में तीन तलाक देने वाले व्यक्ति पर आपराधिक केस चलेगा. हालांकि भाजपा के लिए राज्यसभा में इसे पास कराना आसान नहीं होगा, एनडीए का राज्यसभा में पूर्ण बहुमत नहीं है. ऐसे में उसे वहां विपक्षी पार्टियों के सहयोग की ज़रूरत होगी. भाजपा इस समय राज्यसभा में सभी बड़ी पार्टी है. वहीं कांग्रेस दूसरे नंबर पर है.

राज्यसभा में इस बिल को पास कराने के लिए मोदी सरकार को कांग्रेस के साथ-साथ अन्य दलों के सहयोग की जरूरत पड़ना तय है. भले ही कांग्रेस ने गुरुवार को लोकसभा में इस बिल पर भाजपा को समर्थन दिया लेकिन साथ ही उसने इसके कुछ प्रावधानों पर भी सवाल उठाए.

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस बिल को लेकर हमारी कुछ आपत्तियां हैं. जिन्हें सही करने के लिए स्थाई समिति के पास भेजा जाना चाहिए. हम एक निश्चित समय में साथ बैठकर इसे दूर कर सकते हैं. राज्यसभा में मोदी सरकार को एआईडीएमके के समर्थन की ज़रुरत होगी. अब देखना है कि उनका इस बिल पर क्या स्टैंड रहेगा. 

राज्यसभा में भाजपा को एआईडीएमके के समर्थन की उम्मीद होगी क्योंकि उसने कई मौकों पर भाजपा को कई बिल पास कराने में मदद की है. अगर वो समर्थन ना देकर भी वोटिंग से बाहर रहेगी तब भी भाजपा को इस बिल को पास करान में मदद मिलेगी. इस समय राज्यसभा में 245 सीटें हैं. इसमें सात सीटें खाली हैं.

 

गौरतलब है कि तीन तलाक के पास होने के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे एतिहासिक करार दिया. इससे पहले गुरुवार को इस बिल पर दिन भरी चली लंबी बहस चली. इसके बाद इस बिल के खिलाफ सारे संसोधन खारिज हो गए. लोकसभा में हुई  वोटिंग के साथ स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इसके पास होने की घोषणा की.

तीन तलाक पर ये हैं प्रावधान-

इस बिल के मुताबिक एक बार में तीन तलाक लेने वाले शख्स को तीन साल की तक सजा हो सकती है. इसके अलावा इस अपराध को गैर जमानती बनाया गया है. तीन तलाक लेने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी इस विधेयक में किया गया है.

ये बिल पीड़ित महिला को अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांगने के लिए मजिस्ट्रेट से गुहार लगाने की शक्ति देगा. पीड़िता को कितना गुजारा भत्ता देना है, उसकी धनराशि मजिस्ट्रेट तय करेगा. इस बिल के तहत, एक बार में किसी भी तरह का तीन तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सऐप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) गैरकानूनी होगा.

First published: 29 December 2017, 13:57 IST
 
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