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पीएम मोदी: तीन तलाक़ पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला ऐतिहासिक

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2017, 14:39 IST
फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक ठहराने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर प्रशंसा की है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भी पीएम मोदी ने अपनी रैलियों में ये मुद्दा उठाया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "तीन तलाक़ पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है. इससे मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिलेगा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह शक्तिशाली पहल है."

 

'क्या टेलीफोऩ पर तलाक़ से चलेगी ज़िंदगी'

पिछले साल जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का एलान भी नहीं हुआ था, उस वक्त 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड के महोबा ज़िले में भाजपा की एक रैली में सवाल पूछा था कि क्या टेलीफ़ोन पर तीन तलाक़ देकर हमारी मुस्लिम बेटियों और महिलाओं की ज़िंदगी आगे चलेगी. 

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तकरीबन छह महीने बाद भुवनेश्वर में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन भी पीएम मोदी ने तीन तलाक़ पर सीधी चोट पहुंचाते हुए मुस्लिम महिलाओं के हक़ की बात की थी.

पीएम मोदी ने कहा था, "जब हम सामाजिक न्याय की बात करते हैं तो हमारी मुस्लिम बहनों को भी न्याय मिलना चाहिए. हम उन्हें कष्ट झेलते नहीं देख सकते हैं. इस तरह की चीजें सामाजिक जागरूकता के जरिए खत्म की जा सकती हैं."

सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया असंवैधानिक

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुस्लिम समुदाय में प्रचलित तीन तलाक़ को असंवैधानिक क़रार दिया है. पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने 3-2 के बहुमत से फैसला सुनाया है. हालांकि इस दौरान बेंच के अध्यक्ष चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि तलाक़-ए-बिद्दत यानी तीन तलाक़ सुन्नी मुस्लिम समाज में एक हज़ार साल से प्रचलन में है. 

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जस्टिस खेहर और जस्टिस नज़ीर ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक नहीं माना. जबकि जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस रोहिंगटन नरीमन और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक करार दिया. देश की सबसे बड़ी अदालत ने केंद्र सरकार से छह महीने के अंदर तीन तलाक को खत्म करने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा है. 

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First published: 22 August 2017, 14:28 IST
 
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