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ट्रंप ने किया इंकार तो मोदी सरकार ने जवाब में इस देश के राष्ट्रपति को बनाया 26 जनवरी का चीफ गेस्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 November 2018, 12:12 IST

भारत आने वाले गणतंत्र दिवस के समारोह के लिए लम्बे वक़्त से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजे गए न्योते के जवाब के इंतज़ार में था. लेकिन ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ दोस्ती के दावों के बाद भी इस न्योते को व्यस्त होने के कारण नकार दिया. अब ट्रंप की जगह भारत ने ऐसे देश के राष्ट्रपति को बुलावा भेजा है जिसका भारत के लिए रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व है.

इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में भारत के मुख्य अतिथि होंगे साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सायरिल रामाफोसा. साऊथ अफ्रीका के राष्ट्रपति का भारत के लिए महत्त्व इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समर्थक है. और इसी साल राष्ट्रपति महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जाएगी. सायरिल रामाफोसा को महात्मा गांधी के साथ ही गांधी दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला का समर्थक माना जाता है.


गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप अगले साल 26 जनवरी के आसपास 'स्टेट ऑफ द यूनियन अड्रेस' (राष्ट्र के नाम संबोधन) में व्यस्त रहेंगे. जिसके कारण वह गणतंत्र दिवस समारोह में भाग नहीं ले पाएंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने भारत सरकार के आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है. हालांकि उनका ये फैसला पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बिल्कुल विपरीत नजर आ रहा है. ओबामा ने तमात व्यस्थतताओं के बावजूद भारत सरकार के आमंत्रण को स्वीकार किया था. उन्होंने साल 2015 में गणतंत्र दिवस के समारोह में भाग भी लिया था.

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ट्रंप की जगह अब सायरिल रामाफोसा देश के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्या अतिथि होंगे. इसी के साथ वे प्रवासी भारतीय दिवस समारोह में भी हिस्सा लेंगे. आपको बता दें इस साल प्रवासी भारतीय दिवस प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मनाया जाएगा.

First published: 15 November 2018, 12:12 IST
 
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