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मुंबई: हाजी अली दरगाह में प्रवेश पर अड़ीं तृप्ति देसाई, एमआईएम ने दी धमकी

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2016, 11:24 IST

शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की सफलता के बाद तृप्ति देसाई आज  मुंबई के हाजी अली दरगाह में प्रवेश करने का प्रयास करेंगी. इससे पहले तृप्ति देसाई शनि शिंगणापुर, कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर और नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर के गर्भ गृह में पूजा-अर्चना कर चुकी हैं.

देसाई ने कहा कि 2011 के पहले तक हाजी अली दरगाह में महिलाओं को मजार तक प्रवेश की इजाजत थी. लेकिन उसके बाद दरगाह के ट्रस्ट ने महिलाओं के दरगाह के अंदर जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी.

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तृप्ति का कहना है कि हम इस परंपरा को तोड़ेंगे और ऐसी जगहों पर महिलाओं को बराबरी का हक दिलवाएंगे.

कालिख पोतने की धमकी


हाजी अली दरगाह ट्रस्ट के प्रवक्ता अब्दुल सत्तार का कहना है कि महिलाएं अगर बाहर तक आती हैं तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं, लेकिन मज़ार तक महिलाओं का जाना ठीक नहीं है.

उनका कहना है, "मज़ार पर तो अब भी महिलाएं जाती हैं लेकिन उन्हें मज़ार को छूने की इजाज़त नहीं है."

तृप्ति देसाई के दरगाह में प्रवेश के एलान के बाद शिवसेना नेता हाजी अराफात ने उनको ऐसा करने पर मारने की धमकी दी थी. उन्होंने कहा कि वह इसकी निंदा करते हैं. उनको दरगाह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. अराफात ने कहा कि उन्हें दरगाह में चप्पलों का प्रसाद दिया जाएगा.

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शिवसेना के बाद हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एमआईएम भी तृप्ति देसाई के विरोध में आ गई है. मुंबई एमआईएम नेता हाजी रफत हुसैन ने धमकी दी है कि तृप्ति अगर दरगाह में घुसने की कोशिश करेंगी, तो हम कालिख पोत कर उनका स्वागत करेंगे.

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2011 से महिलाओं का प्रवेश बंद


हाजी अली दरगाह में 2011 से महिलाओं का प्रवेश बंद है. वहीं आज कुछ मुस्लिम महिलाएं हाजी अली दरगाह पहुंचकर तृप्ति देसाई के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं.

मुंबई में बाबा हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह का निर्माण 1631 में हुआ था. यहां भारत के अलावा दुनिया भर से लोग आते हैं.

तृप्ति देसाई ने कल आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने मिलने का वक्त मांगा है. साथ ही तृप्ति ने महिलाओं को बराबर अधिकार देने की मांग की है. 

First published: 28 April 2016, 11:24 IST
 
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