Home » इंडिया » Two Indians Danish Siddiqui and Adnan Abidi won Pulitzers for photographing the Rohingya crisis
 

पुलित्जर पुरस्कार: रोहिंग्‍या मुसलमानों का दर्द दिखाने वाले दो भारतीयों को मिला पत्रकारिता का 'नोबेल'

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2018, 14:50 IST

अमेरिकी पत्रकारिता के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान पुलित्जर पुरस्कार की घोषणा हो चुकी है. पुलित्जर पुरस्कार समिति ने 102वें पुलित्जर पुरस्कार की घोषणा कर दी है. देश के दो पत्रकारों को भी पुलित्जर पुरस्कार प्राप्त हुआ है. नई दिल्‍ली के दानिश सिद्दीकी और मुंबई के अदनान अबि‍दी को रोहिंग्या शरणार्थियों पर उनके फोटोज के लिए यह पुरस्‍कार दिया गया है. इन दोनों को फीचर फोटोग्राफी की श्रेणी में यह पुरस्‍कार मिला है.

दानिश सिद्दीकी और अदनान अबिदी दोनों ही रायटर्स के फोटोग्राफर हैं. दोनों ने भारत में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के विस्थापन के मर्म को अपनी शानदार फोटोग्राफी के माध्यम से काफी अच्छे ढंग से कवर किया है. 

दिल्‍ली यूनिवर्स‍िटी से मास कम्‍यूनिकेशन से मास्‍टर्स करने वाले द‍ानिश रायटर्स के लिए मुंबई में काम कर रहे हैं. फोटोग्राफर बनने से पहले वह टेलीविजन रिर्पोटर थे. उन्होंने बतौर फोटोग्राफर साउथ एशिया, मिडिल ईस्‍ट, अफगानिस्‍तान और इराक युद्ध, रोहिंग्‍या मामला और नेपाल भूकंप जैसे मामलों को कवर किया है.

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अदनान अबिदी ने भी दिल्ली युनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. अदनान ने बिहार में विषाक्‍त भोजन खाने से बीमार बच्‍चों, बेंजामिन नेतन्याहू और जस्‍ट‍िन ट्र‍िडू का भारत दौरा, मथुरा की होली आद‍ि को कवर किया है. 

1917 में प्रारम्भ किया गया पुलित्जर पुरस्कार, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक प्रमुख पुरस्कार है जो समाचार पत्रों की पत्रकारिता, साहित्य एवं संगीत रचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को प्रदान किया जाता है. इसकी स्थापना हंगरी मूल के अमेरिकी प्रकाशक जोसेफ पुलित्जर ने की थी तथा इसका काम कोलम्बिया विश्वविद्यालय देखता है

First published: 18 April 2018, 14:20 IST
 
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