Home » इंडिया » Two months after Adani brother set up firm in Bahamas, a request to change name to Shah
 

पनामा पेपर्स लीक: कंपनी बनाने के बाद अपना नाम बदलना चाहते थे अडानी के बड़े भाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 April 2016, 8:26 IST
QUICK PILL
  • अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (अब अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड) के गठन के कुछ महीनों बाद ही उद्योगपति गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद शांतिलाल शाह अडानी ने बहामा में जनवरी 1994 में एक कंपनी बनाई थी.
  • मोजेक फोंसेका के रिकॉर्ड्स के मुताबिक जीए इंटरनेशनल को 23 सितंबर 1996 को खत्म कर दिया गया क्योंकि विनोद शांतिलाल अडानी ने अअपना नाम विनोद शांतिलाल शाह रखने की इच्छा जताई थी. इसी वजह से 1994 के बाद के सभी दस्तावेजों में बदलाव भी किया गया.

अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (अब अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड) के गठन के कुछ महीनों बाद ही उद्योगपति गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद शांतिलाल शाह अडानी ने बहामा में जनवरी 1994 में एक कंपनी बनाई थी.

विनोद अडानी ग्रुप के विदेशी कारोबार को संभालते थे और उनके बेटे प्रणव अडानी एंटरप्राइज लिमिटेड के डायरेक्टर हैं. मोजेक फोंसेका के लीक हुए दस्तावेजों के मुताबिक 4 जनवरी 1994 को विनोद शाह अडानी ने बहामा में जीए इंटरनेशनल इंक कंपनी बनाई.

विनोद और उनकी पत्नी रंजनाबेन इस कंपनी की डायरेक्टर हैं और दोनों की कंपनी में बराबर की हिस्सेदारी है. कंपनी गठन के दो महीनों के भीतर ही जीए इंटरनेशनल के एडमिनिस्ट्रेटर फाल्कन मैनेजमेंट लिमिटेड अडानी की जगह शाह लगाने की अर्जी दी.

और पढ़ें: ब्लादिमीर पुतिन, नवाज शरीफ और जैकब जुमा भी ब्लैकमनी के महारथी

जुलाई 1995 में खुद जीए इंटरनेशनल इंक ने अपना नाम बदलकर एग्री एक्सपोर्ट्स लिमिटेड रखने की कोशिश की लेकिन कंपनी की यह कोशिश कामयाब नहीं हो पाई क्योंकि प्रस्तावित नाम मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कंपनी से मिलता जुलता था.

24 अप्रैल 1996 को रंजनाबेन ने कंपनी से इस्तीफा दिया और पनामा लीक से बाहर आए दस्तावेजों के मुताबिक राकेश शांतिलाल शाह को कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया. 

अडानी ग्रुप के 2009 के दस्तावेज शाह को ग्रुप की तीन कंपनियों अडानी पावर (ओवरसीज) लिमिटेड, अडानी ग्लोबल एफजेडई (यूएई) और चेमॉयल अडानी पीटीई लिमिटेड (सिंगापुर) में डायरेक्टर बताते हैं. बतौर डायरेक्टर इन कंपनियों में विनोद शाह अडानी का भी नाम शामिल है.

और पढ़ें: टैक्स चोरी के गोरखधंधे में कई भारतीय दिग्गज शामिल

मोजेक फोंसेका के रिकॉर्ड्स के मुताबिक जी ए इंटरनेशनल को 23 सितंबरर 1996 को खत्म कर दिया गया क्योंकि विनोद शांतिलाल अडानी विनोद शांतिलाल शाह के नाम से आगे रहने के इच्छुक थे. इसी वजह से 1994 के बाद के सभी दस्तावेजों में बदलाव भी किया गया.

26 अगस्त 1997 को मोजेक फोंसेका को फोट्रेस मैनेजमेंट लिमिटेड ने जी ए इंटरनेशनल इंक के डायरेक्टर्स और शेयरहोल्डर्स के बारे में जानकारी मांगी थी. जी ए इंटरनेशनल ने मोजेक फोंसेका से ऐसी किसी भी जानकारी को साझा नहीं किए जाने का आग्रह किया.

20 अप्रैल 2005 को विनोद और राकेश ने मोजेक फोंसेका की जगह बहामा की कंपनी ओवरसीज मैनेजमेंट कंपनी को अपना एजेंट नियुक्क्त किया. एजेंट ट्रांसफर की यह पूरी प्रक्रिया 21 जुलाई 2005 को पूरी कर ली गई. 

और पढ़ें: पनामा लीक पर सरकार सख्त, जांच के लिए बनेगी मल्टी एजेंसी ग्रुप

First published: 5 April 2016, 8:26 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी