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पतियों को तलाक़ देकर दो मुस्लिम महिलाओं ने रचाई अनूठी शादी, शादी पर भरी पड़ा 7 साल का प्यार

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 January 2019, 9:49 IST
(File Photo)

उत्तर प्रदेश में दो मुस्लिम महिलाओं ने अपने प्यार को पाने के लिए ऐसा क़दम उठाया जिसके बारे में पहले कभी सोचा भी नहीं गया होगा. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में दो युवतियों ने अपने पतियों को तलाक दे दिया. ऐसा उन्होनें किसी झगड़े या मनमुटाव के चलते नहीं बल्कि अपने प्रेम को पाने के लिए किया. इन दोनों महिलाओं ने तलाक के बाद आपस में शादी कर ली.

हालांकि इस शादी को पंजीयन विभाग ने अभी तक मान्यता नहीं दी है. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समलैंगिक विवाह से जुड़ा कोई शासनादेश न आने के कारण पंजीयन विभाग ने इस बात का हवाला देते हुए अभी तक इस विवहा को सामाजिक मान्यता देने से इंकार किया है. इस अनूठी शादी के बारे में निबंधन कार्यालय के उपनिबंधन अधिकारी (सब रजिस्ट्रार) रामकिशोर पाल ने बताया, ''राठ कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली दो युवतियां शुक्रवार को उनके कार्यालय आईं और एक-दूसरे के गले में जयमाल डाल कर समलैंगिक शादी रचा ली. इनमें एक युवती की उम्र 26 साल और दूसरी युवती 21 साल की है, जो शादीशुदा और एक बच्चे की मां भी है.''

गौरतलब है कि इन दोनों महिलाओं ने अपने समलैंगिक विवाह की मान्यता के लिए शपथ पत्र के जरिए प्रार्थन पत्र देकर मांग की है, लेकिन सेक्शन 377 के तहत समलैंगिक विवाह को सुप्रीम कोर्ट के मान्यता देने के संबंध में अभी तक कोई शासनादेश न आने के कारण इस विवाह को न तो पंजीकृत की जा सका है और न ही अभी तक इस शादी को मान्यता मिली है.

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विवाह करने वाली इन दोनों युवतियों में एक की उम्र 21 साल की है, इस युवती के अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने बताया कि उसकी मुअक्किल परिषदीय विद्यालय के एक शिक्षक की बेटी है और जिस अन्य युवती से उसने शादी की है वह एक 26 साल की युवती है जिसके पिता एक मजदूर है. अधिववकता ने बताया कि इन दोनों युवतियों ने अपनी मर्जी से समलैंगिक विवाह किया है और इसकी मान्यता प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए शपथ पत्र भी दिया है.

First published: 2 January 2019, 9:49 IST
 
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