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कनॉट प्लेस: लंच मांगने पर दाढ़ी वाले को जवाब मिला, 'जल्दी मची है तो पाकिस्तान चले जाओ'

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 24 September 2016, 17:09 IST
(फ़ाइल फोटो )
QUICK PILL
  • कनॉट प्लेस स्थित रिवोली सिनेमा के सामने एक ढाबे पर दो लड़कों को खाना मांगने पर पाकिस्तान जाने के लिए कहा गया 
  • कनॉट प्लेस पुलिस पर आरोप है कि उसने ढाबे के वेटर से माफ़ी मंगवाने के बाद पीड़ितों से लिखवाया कि वे आगे कार्रवाई नहीं चाहते. 

कनॉट प्लेस के एक ढाबे पर खाना जल्दी परोसने की मांग करने पर दो मुस्लिम लड़कों कहा गया कि अगर इतनी जल्दी है तो पाकिस्तान चले जाओ. इस टिप्पणी के बाद लड़कों और ढाबा मालिक के बीच कहासुनी हो गई. मौक़े पर पहुंची पीसीआर दोनों पार्टियों को कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले गई मगर यहां पुलिस ने पीड़ित पक्ष से ही लिखवा लिया कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते. 

पीड़ित सलमान वाहिद एक प्रतिष्ठित फार्मा कंपनी में काम करते हैं. शनिवार की दोपहर कंपनी की एक मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए वह कनॉट प्लेस स्थित डीएसआईआईडीसी के हॉल में मौजूद थे. कॉन्फ्रेंस के बाद लंच के लिए वह अपने सहयोगी हारिस के साथ बाहर निकलकर रिवोली सिनेमा के ठीक सामने एक ढाबे पर पहुंचे. सलमान के मुताबिक उन्हें वापस मीटिंग में पहुंचना था. इसपर उन्होंने खाना जल्दी परोसने के लिए कहा तो जवाब बेहद भद्दा मिला. ढाबे पर मौजूद वेटर सरोज दास ने कहा, 'इतनी जल्दी मची है तो पाकिस्तान चलेे जाओ.' 

सलमान का कहना है कि दाढ़ी-टोपी की वजह से वेटर को मेरी और मेरे सहयोगी हारिस की धार्मिक पहचान का अंदाज़ा हो गया था, इसीलिए उन्होंने जानबूझकर मुझे निशाना बनाया और पाकिस्तान चले जाने की हिदायत दे दी.  

कार्रवाई की बजाय पुलिस ने समझौता करवाया?

दूसरे पीड़ित हारिस का कहना है कि कहासुनी से मामला हाथापाई पर पहुंचने लगा तो मैंने पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर दिया. फिर पीसीआर टीम सभी को कनॉट प्लेस थाने ले आई मगर यहां पुलिस की भूमिका वेटर से ज़्यादा चौंकाने वाली निकली. हारिस का आरोप है कि यहां पुलिस ने वेटर से माफ़ी मंगवाने के बाद समझौता करने का दबाव डाला और उलटा मुझसे ही लिखवा लिया कि मैं इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहता. थाने में मौजूद पुलिस ने यह हिदायत दी कि लिखित शिक़ायत में वेटर सरोज की तरफ से की गई पाकिस्तान वाली टिप्पणी का ज़िक्र भी नहीं किया जाए. वहीं कनॉट प्लेस एसएचओ का कहना है कि फिलहाल वह डीसीपी ऑफ़िस में हैं. लिहाज़ा अभी इस मामले पर कोई कॉमेंट नहीं कर सकते. 

हारिस का कहना है कि वह या सलमान एक साल से उसी ढाबे पर या उसके आसपास खाना खाने जाते थे लेकिन पहली बार इस तरह का हादसा हुआ है. सलमान और हारिस पुरानी दिल्ली के आज़ाद मार्केट के रहने वाले हैं. 

कैच ने ढाबे के मैनेजर अक्षत जैन से भी बात की। उन्होंने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि हम सर्विस इंडस्ट्री में हैं और ऐसा व्यवहार अपने कस्टमर के साथ सोच भी नहीं सकते। उन्होंने बताया कि दोनों लड़कों ने जल्दी सर्विस के लिए कहा मगर जब उन्हें थोड़ा इंतजा़र करने को बोला तो वे भड़क गए और हंगामा करने लगे। अक्षत ने कहा कि उनमें से एक बंदे ने हमारे वेटर के साथ हाथापाई भी की।  

उरी हमले के बाद से दिल्ली में इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. गुरुवार की रात उत्तर दिल्ली इलाक़े में पुलिस ने तीन लड़कों को कथिततौर पर पाकिस्तान ज़िंदाबाद और इंडियन आर्मी मुर्दाबाद के नारे लगाने की वजह से हिरासत में लिया था. लोकल पुलिस के अलावा लड़कों से शुक्रवार को इंटलिजेंस ब्यूरो की एक टीम ने भी पूछताछ की थी. बाद में इन्हें भी रिहा कर दिया गया था.   

First published: 24 September 2016, 17:09 IST
 
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