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एलईडी लाइटों में बर्मिंघम, लॉस एंजिल्स, ब्यूनस आयर्स से होड़ करता उदयपुर

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 September 2016, 8:27 IST
QUICK PILL
  • संयुक्त राष्ट्र ने अपील की है कि सभी पुरानी लाइटें ग्रीनहाउस गैसें और ग्लोबल वार्मिंग कम करने के लिए एक दशक के भीतर बदल दें. 
  • न्यूयार्क अपनी सभी पुरानी लाइटों की जगह एलईडी 2017 तक लगा पाएगा, जबकि उदयपुर फिलहाल 35000 एलईडी इस्तेमाल कर रहा है. 

एलईडी लाइटों का अधिकाधिक प्रयोग करके उदयपुर स्मार्ट सिटी बनने के मिशन में आगे बढ़ रहा है. एलईडी लाइटें लगाने में उदयपुर ने वाकई सफलता पाई है. गौरतलब है कि न्यूयार्क अपनी सभी पुरानी लाइटों की जगह एलईडी 2017 तक लगा पाएगा, जबकि उदयपुर फिलहाल 35000 एलईडी इस्तेमाल कर रहा है.

एलईडी लगाने में उदयपुर बर्मिंघम, लॉस एंजिल्स, ब्यूनस आयर्स और न्यूयार्क तक से होड़ कर सकता है. संयुक्त राष्ट्र ने अपील की है कि सभी पुरानी लाइटें ग्रीनहाउस गैसें और ग्लोबल वार्मिंग कम करने के लिए एक दशक के भीतर बदल दें. इस सोच में भी उदयपुर आगे है. 

बचत के साथ-साथ पर्यावरण में सुधार

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस चुनौती को लेना नेताओं और फैसले लेने वालों पर निर्भर करता है. जी-8 और जी-20 कॉपनहेगन 2020 से पहले या इससे भी पहले ग्रीनहाउस गैसों में कमी करने को तत्पर हैं. एक अनुमान के मुताबिक, लाइटिंग पावर विश्व की ऊर्जा का 19.7 फीसदी खपत करता है. इसमें 75 फीसदी शहरी खपत है, जिसमें 40 फीसदी आउटडोर लाइटिंग है.

ऊर्जा की बचत में नगरपालिका ने महत्वपूर्ण प्रगति की है. मेयर, कमिशनर और पावर कमेटी के अध्यक्ष बधाई के पात्र हैं, पर रास्ते में जो तकनीकी अड़चनें आ रही हैं, उन्हें दूर करना होगा. यह कहना होगा कि सडक़ों पर एलईडी लाइटों से न केवल ऊर्जा की बचत हो रही है, बल्कि ग्रीनहाउस गैसें कम करके शहर के पर्यावरण में भी हम बदलाव ला रहे हैं.

हमने सड़कों पर एलईडी लगाई हैं, पर इनकी वजह से आ रही शिकायतों को भी दूर करना है. यह सच है कि जब भी कोई नई चीज लाते हैं, समस्याएं आती हैं. हमें उनका समाधान ढूंढऩा होगा. साथ ही हमें और क्षेत्रों में भी विस्तार करना होगा.

First published: 29 September 2016, 8:27 IST
 
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