Home » इंडिया » UIDAI is set to introduce Face Authentication feature from beginning of July 2018
 

बस जुलाई से आपका चेहरा देखकर ही हो जाएगा आधार का सत्यापन

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 March 2018, 18:35 IST
फाइल फोटो

द यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) आगामी 1 जुलाई 2018 से आधार सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन के साथ ही फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरे का सत्यापन) फीचर को पेश करने की तैयारी कर चुका है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 12 अंकों की आधार संख्या जारी करने वाले यूआईडीएआई ने जनवरी में घोषणा की थी कि वो बुढ़ापे, कड़ी मेहनत या फिर फिंगरप्रिंट के मिट जाने वाले व्यक्तियों की बायोमेट्रिक पहचान के लिए चेहरे का सत्यापन करने का फीचर पेश करेगा.

यूआईडीएआई ने कहा कि चेहरे से पहचान (फेस ऑथेंटिकेशन) का तरीका तब ही काम करेगा जब इसके साथ एक और पहचान माध्यम जुड़ा हो, यानी फिंगरप्रिंट स्कैनिंग, आइरिस स्कैनिंग या फिर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाला वन टाइम पासवर्ड (OTP) भी साथ में होना चाहिए.

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में दिए गए प्रस्तुतिकरण में यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने आधार एन्क्रिप्शन सिस्टम की मजबूती पर जोर डालते हुए कहा कि इसको ब्रेक करने के लिए 'आज दुनिया में मौजूद सबसे तेज कंप्यूटर को ब्रह्मांड की उम्र जितना वक्त लगेगा.' उन्होंने आगे यह भी जानकारी दी कि चेहरे से सत्यापन की प्रस्तावित प्रक्रिया को 1 जुलाई से पेश कर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि आधार का इस्तेमाल बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आयकर समेत अन्य स्थानों पर पहचान के सत्यापन के लिए किया जाता है. और इसकी विशालता संबंधी वास्तविकता यह है कि रोजाना औसतन तकरीबन 4 करोड़ सत्यापन इसके जरिये किए जाते हैं.

प्रजेंटेशन में उन्होंने कहा कि अब तक 1696.38 आधार सत्यापन और 464.85 करोड़ ईकेवाईसी लेदनेन किए जा चुके हैं. सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुछ वक्त से लग रहे आरोपों के जवाब में पांडेय ने कहा कि यूआईडीएआई किसी भी लेनदेन का मकसद, स्थान या विवरण की जानकारी इकट्ठा नहीं करता.

First published: 25 March 2018, 18:35 IST
 
अगली कहानी