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उज्जैन में पहले शाही स्नान के साथ सिंहस्थ कुंभ का आगाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 April 2016, 13:21 IST

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पहले शाही स्नान के साथ ही सिंहस्थ कुंभ का आगाज हो गया है. धार्मिक नगरी उज्जैन में इसका आयोजन 21 मई तक चलेगा.

क्षिप्रा नदी में सबसे पहले अखाड़ों के साधु-संतों ने शाही स्नान किया. जूना अखाड़े के स्नान के साथ पहला शाही स्नान शुरू हुआ. शाही स्नान में कुल 13 अखाड़े शामिल हुए. हर अखाड़े को स्नान के लिए आधे घंटे का वक्त दिया गया.

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वहीं शाही स्नान में देश के चारों प्रमुख पीठों के शंकराचार्य शामिल नहीं हुए. इसकी मुख्य वजह शंकराचार्यों का सिंहस्थ कुंभ में देरी से आगमन होना है. मई में शंकराचार्यों का आगमन होगा.


5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद


रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट को छोड़कर के अलावा बाकी घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान का इंतजाम है. मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ कुंभ मेले को सफल बनाने के लिए करीब 3,500 करोड़ रुपए खर्च कर रही है.

इंतजामों की जानकारी देते हुए उज्जैन के आईजी मधु कुमार ने बताया कि सिंहस्थ मेले के दौरान करीब पांच करोड़ श्रद्धालुओं के क्षिप्रा नदी में स्नान करने का अनुमान है.

आयोजन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसके लिए एमपी पुलिस के अलावा केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों के करीब 22,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.


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आईजी मधु कुमार के मुताबिक शाही स्नान के दौरान मेला क्षेत्र में करीब 25,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती है. डीएम कविन्द्र कियावत ने बताया कि जिला प्रशासन ने किन्नरों को एक स्थान आवंटित किया है.

किन्नरों द्वारा कुंभ क्षेत्र में प्रवेश के लिए पेशवाई निकालने पर विवाद है.अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख आचार्य नरेन्द्र गिरी का कहना है कि हमने किन्नरों को सिंहस्थ में अखाड़े के लिए मंजूरी नहीं दी है.

परंपरागत तौर पर सिंहस्थ में 13 अखाड़े शामिल होते हैं. किन्नरों को सिंहस्थ में अखाड़ा लगाने की इजाजत देने के सवाल पर नरेंद्र गिरी ने कहा कि हर किसी को अखाड़ा लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. 

हर 12 साल पर सिंहस्थ कुंभ


इस बीच सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए एयर इंडिया 22 अप्रैल से एक महीने तक रोजाना एयर इंडिया दिल्ली-इन्दौर-दिल्ली मार्ग पर एक और अतिरिक्त विमान सेवा संचालित करेगी.

उज्जैन में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को सिंहस्थ कहा जाता है, जो 12 साल के बाद लगता है. वहीं देश के तीन दूसरे शहरों इलाहाबाद (प्रयाग), नासिक और हरिद्वार में भी कुंभ मेले का आयोजन होता है.

First published: 22 April 2016, 13:21 IST
 
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