Home » इंडिया » Unhappy with 7th pay commission hike rate government employees to go on strike 11th july
 

11 जुलाई से हड़ताल पर जा सकते हैं 32 लाख सरकारी कर्मचारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 June 2016, 10:05 IST
(पीटीआई)

जहां एक ओर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है. वहीं इस एलान के बाद केंद्रीय कर्मचारियों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है.

सातवें वेतन आयोग ने 23 फीसदी वेतन बढ़ाने की सिफारिश की है. मोदी सरकार ने सिफारिशें तो मान लीं लेकिन केंद्रीय कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हैं. कर्मचारियों की कम से कम सैलरी 18 हजार रुपये की गई है, जिससे कर्मचारी यूनियन संतुष्ट नहीं हैं.

केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों की नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन ने धमकी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो 11 जुलाई से हड़ताल की जाएगी, जिसमें करीब 32 लाख कर्मचारी शामिल हो सकते हैं.

42 साल में पहली बार!

अगर 11 जुलाई से हड़ताल होती है तो इसमें रेलवे के कर्मचारी भी शामिल होंगे. 42 साल बाद पहली बार रेलवे कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है.

केंद्रीय कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल पर जाने से कई मंत्रालयों का कामकाज ठप पड़ सकता है, जबकि रेल सेवा अगर प्रभावित हुई तो लाखों लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा. वहीं यूनियन का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री ने दखल दिया तो हड़ताल वापस ली जा सकती है. 

सातवें वेतन आयोग पर मुहर

वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है, "जब पांचवां वेतन आयोग आया था, तब सरकार को फैसला लेने में 19 महीने लगे थे. छठवें वेतन आयोग को लागू होने में 32 महीने लगे थे. सातवें वेतन आयोग की सभी सिफारिशों को सरकार ने मान लिया है."

केंद्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने कर्मचारियों के वेतन में 23.6 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश पर मुहर लगा दी है. बढ़ा हुआ वेतन कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2016 से मिलेगा यानी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का एरियर मिलेगा.

23.6 फीसदी तक बढ़ेगी सैलरी

कैबिनेट ने मूल वेतन में 14.27 और महंगाई और दूसरे भत्तों को मिलाकर कुल 23.6 फीसदी बढ़ोतरी को हरी झंडी दिखाई है. इसका सीधा असर करीब एक करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर हो चुके पूर्वकर्मियों के पेंशन पर पड़ेगा.

जस्टिस माथुर की अध्यक्षता में गठित सातवें वेतन आयोग ने पिछले साल नवंबर में वित्त मंत्री अरुण जेटली को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.

कितनी बढ़ेगी तनख्वाह?

केंद्र सरकार में शुरुआती मूल वेतन 7000 रुपये है. इसमें 125 फीसदी महंगाई भत्ता यानी डीए जोड़ दें तो ये रकम हो जाती है 15750 रुपये. कैबिनेट की मुहर लगने के बाद ये सैलरी हो जाएगी 18000 रुपये यानी करीब सवा चौदह फीसदी की बढ़ोतरी.

इसी तरह केंद्र सरकार के सबसे बड़े अधिकारी यानी कैबिनेट सचिव की तनख्वाह है 90 हजार रुपये. 125 फीसदी महंगाई भत्ता जोड़कर होती है 2 लाख 2 हजार 500 रुपये. आयोग की सिफारिशों के बाद सैलरी हो जाएगी ढाई लाख रुपये यानी 23.4 फीसदी की बढ़ोतरी.

कुल मिलाकर कर्मचारियों से अधिकारियों का वेतन 18 हजार से लेकर ढाई लाख रुपये महीने तक हो जाएगा. वहीं रिटायर हो चुके लोगों के पेंशन में भी करीब बीस फीसदी का इजाफा होगा.

अगर पेंशन 10 हजार रुपये है और 125 फीसदी डीए के बाद पेंशन साढ़े बारह हजार रुपये बनती है, तो 20 फीसदी बढ़कर अगस्त से पेंशन 15 हजार रुपये हो जाएगी.

First published: 30 June 2016, 10:05 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी