Home » इंडिया » Union Budget 2019: Finance Minister Nirmala Sitharaman change the tradition of british era
 

Budget 2019: मोदी सरकार ने दी गुलामी की परंपरा से मुक्ति, बजट का नाम बदल हिंदी मेें किया 'बही खाता'

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2019, 11:13 IST

Union Budget 2019: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में मोदी सरकार ने काफी बदलाव कर दिए. इस बजट के जरिए मोदी सरकार ने अंग्रेजों की गुलामी की परंपरा से मुक्ति दिलाई है. 

मोदी सरकार इस बार बजट नहीं बल्कि 'बही खाता' पेश कर रही है. यानि कि इसका नाम बजट नहीं 'बही खाता' होगा. खास बात यह हैं कि इसके दस्तावेज ब्रिटिश जमाने से इस्तेमाल में लाए जा रहे चमड़े के ब्रीफकेस में नहीं रखे. इस बही खाता को मखमली लाल कपड़े में रखा गया है. मोदी सरकार ने बजट से जुड़ी अंग्रेजों की सारी पुरानी परंपरा को खत्म कर दिया है.

मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने इस बाबत बताया कि मोदी सरकार भारतीय परंपरा को पेश करने जा रही है, यह गुलामी व पश्चिम के विचारों से भारत की आजादी को प्रदर्शित करेगी. उन्होंने बताया कि यह बजट नहीं, बही-खाता है.

गौरतलब है कि बैग में बजट की परंपरा साल 1733 में शुरू हुई थी. तब ब्रिटिश सरकार के प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री रॉबर्ट वॉलपोल ने बजट पेश किया था. तब उन्होंने चमड़े का बैग इस्तेमाल किया था. इसी चमड़े के बैग बजट से जुड़े दस्तावेज लाए गए थे. चमड़े के इस थैले को ही 'फ्रेंच भाषा' में बुजेट कहा जाता था. धीरे-धीरे इसी प्रक्रिया को बजट कहा जाने लगा.

लेकिन पहली बार लाल सूटकेस का इस्तेमाल साल 1860 में हुआ. तब ब्रिटिश बजट चीफ विलिमय ग्लैडस्टोन ने लाल सूटकेस का इस्तेमाल किया था. बजट को बाद में ग्लैडस्टोन बॉक्स भी कहा गया. इसके बाद इसी बैग में ब्रिटेन का बजट पेश होता था. साल 2010 में सड़ने के बाद इसे रिटायर कर दिया गया था.

भारत में साल 1947 में अंग्रेजों से आजादी के बाद भी देश में बजट की परंपरा अंग्रेजों वाली ही रही. आजाद भारत के पहले वित्त मंत्री आर.के शानमुखम चेट्टी ने 26 जनवरी 1947 को बजट लेदर में ही पेश किया. कई सालों तक इसमें बजट पेश होता रहा.

फिर साल 1958 में इस परंपरा को बदलकर पंडित जवाहर लाल नेहरू ने काले रंग के ब्रीफकेस में बजट पेश किया. फिर साल 1991 में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने ब्रीफकेस का रंग बदलकर लाल कर दिया. इसके बाद से लाल ब्रीफकेस में ही बजट पेश किया जाता रहा है. मोदी सरकार का अंतरिम बजट 1 फरवरी 2019 को भी पीयूष गोयल ने लाल ब्रीफकेस में ही पेश किया था.

आर्थिक सर्वेक्षण: देश की GDP ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान, पिछले 5 साल में हुआ तेज विकास

Budget 2019: कौन हैं वो 6 लोग, जिनके बिना बजट पेश नहीं कर सकतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

First published: 5 July 2019, 11:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी