Home » इंडिया » Union minister Ram Vilas Paswan passes away, suffering from heart disease
 

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का 74 साल की उम्र में निधन, दिल की बीमारी से थे पीड़ित

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 October 2020, 7:53 IST

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram vilas paswan) का निधन हो गया है, उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट के जरिये यह जानकारी दी है. पासवान ने हाल ही में दिल्ली के एक अस्पताल में हार्ट सर्जरी करवाई थी. अपने पिता की मृत्यु के बारे में जानकारी देते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रमुख चिराग पासवान ने गुरुवार को ट्वीट किया "पापा .... अब आप इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मुझे पता है कि आप जहां भी हैं, हमेशा मेरे साथ हैं. मिस यू पापा ..''  प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर संवेदना व्यक्त की.

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद ने केंद्रीय मंत्री रामविलास के निधन पर शोक प्रकट किया. लालू प्रसाद यादव ने कहा ''रामविलास भाई के असामयिक निधन का दुःखद समाचार सुनकर अति मर्माहत हूं. विगत 45 वर्षों का अटूट रिश्ता और उनके संग लड़ी तमाम सामाजिक, राजनीतिक लड़ाइयां आँखों के सामने तैर रही है. उन्होंने कहा रामविलास भाई, आप जल्दी चले गए। इससे ज़्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं.


 

रामविलास पासवान पिछले कुछ हफ्तों से अस्पताल में भर्ती थे. खबरों के मुताबिक वह लंबे समय से दिल की बीमारी से पीड़ित थे. पासवान ने पांच प्रधानमंत्रियों के साथ एक केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया है और उनकी पार्टी सभी राष्ट्रीय गठबंधनों की सदस्य रही. आठ बार लोकसभा सांसद रहे पासवान देश के सबसे प्रसिद्ध दलित नेताओं में से एक थे. उनका जन्म 5 जुलाई 1946 को पूर्वी बिहार के खगड़िया के शाहरबनी गांव में हुआ था. उन्होंने मास्टर और कानून की डिग्री पूरी की, बिहार सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और पुलिस उपाधीक्षक चुने गए.

पासवान नौकरी स्वीकार करने के बजाय राजनीति में शामिल हो गए. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी (एसएसपी) के सदस्य के रूप में की. पासवान 1969 में बिहार विधानसभा के सदस्य बने. 1970 में उन्हें एसएसपी की बिहार शाखा का संयुक्त सचिव बनाया गया. चार साल बाद वह नए राष्ट्रीय लोकदल (पीपुल्स पार्टी) की बिहार शाखा के महासचिव बने.

1977 में जनता पार्टी के सदस्य के रूप में पासवान पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और बिहार में हाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से लगातार पांच बार चुने गए. उन्होंने 2000 में एलजेपी का गठन किया और 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन में शामिल हो गए.

First published: 8 October 2020, 21:35 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी