Home » इंडिया » unnao Rape Case: The victim's family wrote on July 12 to the CJI, now took suo motu cognisance
 

उन्नाव रेप केस : पीड़ित परिवार ने 12 जुलाई को लिखा था CJI को पत्र, घटना के बाद जागा सुप्रीम कोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 July 2019, 13:27 IST

सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई को उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता के परिवार द्वारा 12 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए एक पत्र पर आरोपी व्यक्तियों से मिली धमकियों के बारे में संज्ञान लिया है. ट्रक से पीड़ित  परिवार की कार से टकराने के लगभग दो दिन बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर जागा है. भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि उन्हें मंगलवार (30 जुलाई) को पत्र के बारे में सूचित किया गया था.

CJI ने पूछा कि अदालत की रजिस्ट्री ने उनके ध्यान में पत्र क्यों नहीं लाया. CJI ने 1 अगस्त को सुनवाई के लिए सू मोटो केस को सूचीबद्ध किया है. 28 जुलाई को रायबरेली के पास हुई इस टक्कर में पीड़िता के परिवार सदस्यों की मौत हो गई है.

यूपी के बांगरमऊ से चार बार के बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार मामले में आरोपी हैं और पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार हुए थे.उत्तर प्रदेश भाजपा ने मंगलवार को दावा किया कि सेंगर को 2018 में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था.

यह पत्र 7-8 जुलाई की घटनाओं को बताता है जिसमे कहा गया था कि भाजपा के मौजूदा विधायक सेंगर के साथ कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी. एक प्राथमिकी जो कार दुर्घटना के एक दिन बाद दर्ज की गई थी, में भाजपा विधायक, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्रा, हरिपाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकू सिंह और अवधेश सिंह का नाम आरोपी के रूप में दर्ज है.

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First published: 31 July 2019, 13:23 IST
 
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