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यूपी: बाराबंकी के थाने में टीवी पत्रकार की बर्बर पिटाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 June 2016, 12:10 IST
(फाइल फोटो)

देश में पत्रकारों पर हो रहे हमलों के मामले बढ़ रहे हैं. बिहार के सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन की हाल में हत्या कर दी गई थी. अब उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस द्वारा एक प्रमुख समाचार चैनल के संवाददाता की बर्बर पिटाई का मामला सामने आया है.

आरोप है कि एक विवाद में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए कोतवाली परिसर में पुलिस ने एबीपी न्यूज चैनल के जिला संवाददाता सतीश कश्यप को बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा है.

उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे मुख्यमंत्री तक ले जाने की बात कही है. पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद के मुताबिक बंकी क्षेत्र के रहने वाले एबीपी न्यूज के जिला संवाददाता सतीश कश्यप ने इस मामले में शिकायत की है.

एसपी के मुताबिक एक नाली के विवाद को लेकर बुधवार (22 जून) को पुलिस ने सतीश कश्यप को कोतवाली बुलाकर उन पर समझौते का दबाव बनाया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की.

यही नहीं इस दौरान पुलिस ने उन्हें हवालात में बंद कर दिया. पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है.

19 जून को कोतवाली पुलिस से शिकायत

सतीश कश्यप का कहना है कि उनका अपने पड़ोसी अतुल यादव से टैंक बनवाने को लेकर करीब एक साल से विवाद था. इसी की रंजिश को लेकर वह अक्सर उन्हें जान से मारने की धमकी देता था और घर से बाहर निकलने पर उनकी पत्नी पर अक्सर फब्तियां कसता था.

कश्यप ने बताया कि उन्होंने पिछली 19 जून को शहर कोतवाली में इसकी शिकायत की थी. उसके अगले दिन पुलिस अधीक्षक और 21 जून को तहसील में भी शिकायत दी गयी थी. उसी दिन पुलिस यादव को पकड़कर कोतवाली लायी थी.

इसके अगले दिन उन्हें कोतवाली बुलाया गया और बंकी पुलिस चौकी प्रभारी शिवनाथ यादव और शहर कोतवाल बीपी यादव द्वारा समझौते का दबाव बनाने की कोशिश की गई.

पिटाई के बाद हवालात में डाला

सतीश कश्यप का कहना है कि इसका विरोध करने पर कोतवाल और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनसे गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी. साथ ही फर्जी मुकदमे दर्ज करते हुए हवालात में डाल दिया. सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे पत्रकारों ने उन्हें किसी तरह छुड़ाया.

कश्यप के मुताबिक पुलिस की मंशा भांपते हुए उन्होंने अपने मोबाइल फोन का वीडियो कैमरा ऑन कर रखा था, लिहाजा पुलिसकर्मियों की हरकत उसमें रिकॉर्ड हो गई. इस घटना को लेकर जिले के पत्रकारों में खासा  गुस्सा है.

सीएम से शिकायत करेगा पत्रकार संघ

पत्रकारों ने 23 जून को बैठक करके वीडियो की जांच कराने और आरोपी कोतवाली और चौकी प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मियों के निलम्बन और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.

इस बीच, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी निंदा की है. सिद्धार्थ कलहंस का का कहना है, "देश-प्रदेश में पिछले कुछ समय से पत्रकारों पर हमलों में तेजी आई है और पुलिस द्वारा ऐसी हरकत तो जघन्य अपराध है. समिति इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से करेगी."

First published: 24 June 2016, 12:10 IST
 
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