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फिर जिन्दा हुआ गेस्ट हाउस कांड का जिन्न, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मायावती को लेकर दिया शर्मनाक बयान...

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 January 2019, 13:11 IST

लोकसभा चुनावों के पहले उत्तर प्रदेश में एक तरफ बसपा सुप्रीमो मायावती ने 23 साल पुराने गेस्ट हाउस कांड को भुलाकर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया है. लेकिन इस गठबंधन को लेकर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी शुरू हो गयी है. चुनावों की सुगबुगाहट के बीच उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने मायावती पर गेस्ट हाउस कांड को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की है. उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश के बने गठबंधन को लेकर महेंद्र नाथ पांडेय ने सवाल खड़े किये हैं.

सोशल मीडिया का जिक्र करते हुए महेंद्र नाथ पांडेय ने एक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा, ''मैंने सोशल मीडिया पर देखा एक नौजवान ने पोस्ट कर दिया श्री अखिलेशजी मायाजी को शॉल पहना रहे हैं. तो नौजवान लिखता है ऐसे कि अखिलेश से पूछें कि यह वही शॉल है जिसे गेस्ट हाउस में पिताजी ने उतारा था? तो वह भी नटखट सबको उत्तर दे रहे हैं. हट नॉटी कहीं का.''

गौरतलब है कि ये शर्मनाक बयान महेंद्र नाथ पांडे ने चंदौली में आयोजित एक सभा में दिया है. बता दें, पांडेय चंदौली सीट से ही लोकसभा सांसद हैं.

राजनीति में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने का दौर बहुत पुराना है. खासकर कि चुनावी समय में ये इतना तेजी से बढ़ जाता है कि नेता और पार्टी के कार्यकर्ता भाषाई मर्यादा भूल बैठते हैं. माना कि ये जिस टिप्पणी का जिक्र महेंद्र नाथ पांडेय ने किया वो सोशल मीडिया पर देखा था. लेकिन एक पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते हुए एक सार्वजनिक मंच से इसको बढ़ा चढ़ा कर पेश करना कितना उचित है?

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इस पर जनता को भी ध्यान देना चाहिए. पार्टी कोई भी हो, सामाजिक समानता और मौलिकता का दावा कितना ही क्यों न करें लेकिन चुनावी समर में हर दल के नेता ये सारे कथित आयाम भूलकर एक दूसरे को नीचा दिखाने में जुट जाते हैं. जनता के हिट और विकास के चुनावी दावों के साथ ही क्या सभी राजनीतिक पार्टियों चुनावी भाषणों में भाषाई मार्यादा के मानक नहीं तय करने चाहिए?

First published: 29 January 2019, 13:11 IST
 
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