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यूपी बीजेपी उपाध्यक्ष के अश्लील बयान के बाद संसद में बरसीं मायावती

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2016, 9:54 IST
(यू ट्यूब)

उत्तर प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बीएसपी प्रमुख मायावती के लिए अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया है. बीजेपी नेता ने टिकटों के बंटवारे को लेकर बसपा सुप्रीमो के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की.

बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह ने कथित तौर पर कहा कि मायावती जिस तरह से मोलभाव कर रही हैं इस तरह एक...भी अपने पेशे को लेकर नहीं करती. दया शंकर सिंह ने मऊ में यह विवादित बयान दिया.

बीजेपी उपाध्यक्ष ने कहा, "मायावती के टिकट बिक्री के मोलभाव से तंग आकर स्वामी प्रसाद मौर्य, आर के चौधरी और जुगल किशोर जैसे नेताओं ने पार्टी छोड़ दी. ये नेता कांशीराम के साथ जुड़े थे और इन नेताओं ने साफ आरोप लगाया है कि मायावती टिकट बेच रही हैं." 

मऊ में दयाशंकर सिंह का बयान

यूपी बीजेपी उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने कहा, "मायावती, कांशीराम के नाम को बदनाम करने में जुटी हैं, विधानसभा के टिकट को लेकर हर रोज नए रेट तय हो रहे हैं.

किसी से एक करोड़ रुपये में तय होने के बाद अगर कोई दूसरा 2 करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हो जाता है, तो फिर एक करोड़ वाले को धोखा दे दिया जाता है. इस तरह तो एक...भी अपनी जुबान से नहीं पलटती है. मायावती की बात की कीमत एक...की बात की कीमत से भी बदतर है."

मायावती को अपशब्द कहने वाले यूपी बीजेपी उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को बीजेपी ने सभी पदों से हटा दिया है (फेसबुक)

राज्यसभा में मायावती की हुंकार

उत्तर प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष के इस आपत्तिजनक बयान के बाद तमतमाईं बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने राज्यसभा में चेतावनी भरे लहजों में बीजेपी को जमकर कोसा.

मायावती ने कहा, "मैंने बसपा के संस्थापक कांशीराम जी के जीवन संघर्ष से प्रेरणा ली. समाज के दबे-कुचले लोगों के लिए समर्पण के भाव से मैंने अपनी निजी जिंदगी को तवज्जो नहीं दी. साथ ही मैंने शादी भी नहीं की."

बसपा सुप्रीमो ने कहा, "मैंने कांशीराम जी की प्रेरणा से अपना जीवन दबे-कुचले लोगों के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया. उनके हालात में सुधार लाने के लिए सियासी संघर्ष का रास्ता चुना. पूरा दलित समाज मेरा परिवार है."

'बहनजी कहकर पुकारते हैं लोग'

मायावती ने साथ ही कहा, "आदर से मुझे कार्यकर्ताओं और दलित समाज के द्वारा बहन के नाम से सम्मानित किया जाता है. यहां तक कि सदन में भी लोग मुझे बहनजी कहकर ही बुलाते हैं."

मायावती ने अपनी पार्टी के चंदे को लेकर कहा, "एक वोट एक नोट. मैंने अपने कार्यकर्ताओं और दलित समाज के लोगों से यह अपील की थी. पूंजीपतियों के बजाए दबे-कुचले लोगों से हमारी पार्टी पैसा लेती है. उत्तर प्रदेश के लोग मेरे जन्मदिन को आर्थिक दिवस के रूप में मनाते हैं."

मायावती ने साथ ही कहा, "मैंने लोगों से कहा कि सोने-चांदी मत दो, गहने मत दो. आर्थिक मदद दो. लेकिन भारतीय जनता पार्टी को यह सब अच्छा नहीं लग रहा."

मायावती ने इस दौरान दयाशंकर सिंह पर जमकर बरसते हुए कहा, "बीजेपी उपाध्यक्ष ने मेरे खिलाफ बहुत से अपशब्दों का इस्तेमाल किया. किसी बहन के सामने वो लफ्ज नहीं बोलना चाहिए. मैं सदन की इज्जत करती हूं, लिहाजा ऐसे शब्द नहीं बोल सकती हूं."

जेटली का जताया आभार

मायावती ने इस दौरान अरुण जेटली के माफी मांगने पर शुक्रिया जताते हुए कहा, "नेता सदन ने व्यक्तिगत तौर पर बीजेपी उपाध्यक्ष के बयान की निंदा की है. मैं अरुण जेटली का आभार प्रकट करती हूं."

बसपा सुप्रीमो ने राज्यसभा में कहा, "कोई भी यह बता दे कि आज तक मैंने अपने भाषण में कभी अपशब्द  कहा हो. विचारों की लड़ाई होती है, किसी के चरित्र पर कभी बयान नहीं दिया. किसी नेता के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया."

'मां-बहन के बारे में बोला'

मायावती ने दयाशंकर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, "जो लोग इस तरह की भाषा बोल रहे हैं. जिस भाषा का इस्तेमाल किया है. उसने अपनी बहन के बारे में बोला है, बेटी के बारे में बोला है, मां के बारे में बोला है. पूरा देश बीजेपी को कभी माफ नहीं करेगा."

मायावती ने इस दौरान बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा, "एक तरफ दलितों से उत्पीड़न को लेकर पूरे गुजरात में आग लगी है. अभी मामला ठंडा नहीं हुआ हैै. दलित वर्ग के लोग दुखी हैं. ऊपर से इस माहौल में ऐसा भद्दा बयान. आज मुझे बोला है कल किसी और बहन-बेटी को बोलेंगे. दलित के साथ-साथ मैं एक महिला भी हूं. अन्य समाज की महिलाओं के लिए ऐसे शब्द वो इस्तेमाल करेंगे."

पार्टी से निकालने की मांग

बसपा सुप्रीमो ने दयाशंकर सिंह पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, "केवल बीजेपी के खेद प्रकट करने से काम नहीं चलेगा. पार्टी से दयाशंकर सिंह को निकाला जाए. नहीं तो लोग सड़कों पर उतर आएंगे."

मायावती ने कहा कि अगर आपत्तिजनक बयान के बाद बहुजन समाज के कार्यकर्ता सड़क पर उतरते हैं और हालात बिगड़ते हैं, तो उसके लिए बीजेपी जिम्मेदार होगी. दयाशंकर सिंह की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए.

संसद में बयान पर बवाल

जेटली ने मांगी माफी

बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह के इस आपत्तिजनक बयान के बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ. विवाद इतना बढ़ गया कि डैमेज कंट्रोल के लिए नेता सदन को खुद सामने आना पड़ा. 

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दयाशंकर सिंह के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए सदन में मायावती से माफी मांगी. जेटली ने कहा कि बीजेपी नेता के बयान से पार्टी का कोई सरोकार नहीं है. साथ ही जेटली ने कहा कि हम सब मायावती जी की प्रतिष्ठा के साथ हैं. किसी के भी खिलाफ ऐसी टिप्पणी निंदनीय है.

अरुण जेटली ने कहा, "एक महिला ऊपर से एक बड़ी नेता के खिलाफ किसी पार्टी कार्यकर्ता का ऐसा बयान निंदा और खेद का विषय है. जिस तरह की शब्दावली का प्रयोग किया गया है, मुझे निजी तौर पर खेद है."

एक सुर में राज्यसभा में कड़ी निंदा

इस मामले में कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों ने भी बीजेपी नेता के बयान की कड़ी निंदा की. सभी सांसदों ने एक सुर में कहा कि दयाशंकर सिंह का बयान महिला और दलित विरोधी है, इससे बीजेपी की मानसिकता भी साफ पता चलती है.   

कांग्रेस की कुमारी शैलजा ने बीजेपी नेता के बयान को महिलाओं के सम्मान पर हमला बताया. साथ ही शैलजा ने कहा कि उनके खिलाफ दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. कांग्रेस की रेणुका चौधरी ने भी बीजेपी पर इस दौरान निशाना साधा. 

बसपा ने की गिरफ्तारी की मांग

रेणुका चौधरी ने कहा, "दयाशंकर सिंह के बयान से बीजेपी की मानसिकता साफ झलकती है. सर्वसम्मति से उनके खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव पास होना चाहिए." इसके अलावा डिप्टी स्पीकर पीजे कुरियन ने भी कहा कि सदन के सदस्यों के बयान से साफ है कि इस मुद्दे पर सभी सदस्य एकजुट हैं.

बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र ने भी दयाशंकर सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उनके बयान को कठघरे में खड़ा किया.

सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि दयाशंकर सिंह को बिना कोई देरी किए गिरफ्तार किया जाना चाहिए. सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि दयाशंकर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उन्हें अदालत में घसीटेंगे.

First published: 21 July 2016, 9:54 IST
 
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