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लखनऊ में सपा की अहम बैठक, मुख्तार पर मुलायम करेंगे फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2016, 10:10 IST
(पीटीआई)

समाजवादी पार्टी के संसदीय बोर्ड की लखनऊ में आज अहम बैठक हो रही है. यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि इसमें मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय के फैसले पर अंतिम मुहर लग सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव में ठन गई थी. लेकिन अब ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी में फिलहाल सब कुछ ठीक-ठाक हो गया है.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी गुरुवार को इस मसले पर नरमी के संकेत दे दिए थे. अखिलेश ने कहा था कि पार्टी जो तय करेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा.

विलय बने रहने के संकेत

इससे पहले अखिलेश यादव ने एक सभा में सबके सामने मंच पर आपराधिक छवि वाले सपा नेता अतीक अहमद को अपनी तरफ आने से रोका था. उन्होंने धक्का देकर अतीक अहमद को वापस किया था.

यही नहीं समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल के विलय में खास भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ नेता बलराम यादव को कैबिनेट मंत्री पद से मुख्यमंत्री ने बर्खास्त कर दिया था.

खबर है कि तय मसौदे के अनुसार कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी मे विलय बना रहेगा. लेकिन, आपराधिक छवि वाले विधायक मुख्तार अंसारी से कोई लेना-देना नहीं रहेगा. 

बलराम के बेटे को मंत्री पद!

हालांकि पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ही अंतिम रूप से इस विलय पर फैसला लेंगे. बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह परिवार में हुई बैठक के बाद ये फैसला हुआ कि बलराम यादव के विधायक बेटे संग्राम यादव को मंत्री बनाया जाएगा.

खबर है कि 27 जून को अखिलेश मंत्रिमंडल का एक और विस्तार तय है. मुख्तार अंसारी को लेकर भले ही सपा अभी पसोपेश में है, लेकिन रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, अतीक अहमद, विजय मिश्र, अभय सिंह जैसे बाहुबली नेता अब भी सरकार या पार्टी से जुड़े हुए हैं.

First published: 25 June 2016, 10:10 IST
 
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