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बुलंदशहर गैंगरेप: मुख्य अभियुक्त सलीम बावरिया पूरे गैंग के साथ गिरफ्तार

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2016, 11:03 IST
(फाइल फोटो)

बुलंदशहर गैंगरेप के मुख्य अभियुक्त सलीम बावरिया को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. एनएच-91 पर मां-बेटी से गैंगरेप के बाद लूट की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है.

पुलिस ने मेरठ के मवाना से सलीम बावरिया, जुबैर और साजिद को गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी यूपी के डीजीपी जावेद अहमद ने टवीट करके दी है. पीड़ितों ने तीनों आरोपियों की फोटो देखकर पहचान कर ली है.

29 जुलाई को वारदात

29 जुलाई की रात को हाईवे पर परिवार को बंधक बना कर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले ने यूपी से लेकर दिल्ली तक को हिला दिया था. पुलिस ने इससे पहले 1 अगस्त को रईस, शाबेज और जबर सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था.

इस घटना का मुख्य आरोपी सलीम बावरिया सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र का निवासी है. कई वारदातों में वो फरार चल रहा था.

सोमवार की रात 10 बजे पुलिस और सर्विलांस को सलीम की लोकेशन मेरठ के मावाना थाने के पास की मिली. बुलंदशहर और क्राइम ब्रांच पुलिस ने मेरठ के मवाना क्षेत्र से सलीम समेत गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

मेरठ रेंज आईजी सुजीत पांडे ने बताया कि तीनों आरोपियों की पहचान पीड़ित ने फोटो के आधार पर की है. 

हाईकोर्ट का सख्त रुख

कोतवाली देहात क्षेत्र में 29 जुलाई को राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-91 पर दोस्तपुर गांव के पास गैंगरेप का मामला सामने आया था. पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदार की तेरहवीं के लिए नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था.

बदमाशों ने राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-91 के पास परिवार को रोक लिया था और कोतवाली देहात इलाके के पास एक गांव के खेतों में ले गए. डकैतों ने हथियारों के बल पर कार सवार परिवार से डकैती की वारदात को अंजाम दिया.

वारदात के बाद डकैतों ने परिवार की दो महिलाओं से सामूहिक बलात्कार भी किया. करीब डेढ घंटे तक परिवार के साथ हैवानियत को अंजाम देने के बाद बदमाश वहां से फरार हो गए.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की है. हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के संबंध में अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा था.

राज्य सरकार से हाईकोर्ट ने बुलंदशहर गैंगरेप की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी थी. साथ ही कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा पकडे गए लोगों का बैकग्राउंड और अापराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी उपलब्ध करायें.

अदालत के इस आदेश के बाद तीनों आरोपियों के गिरफ्तार होने की पुष्टि रात को ही डीजीपी जावेद अहमद ने की.

वारदात को ऐसे देते थे अंजाम

मुख्य अभियुक्त सलीम बावरिया ने पूछताछ के दौरान बताया कि जहां पर उन्हें डकैती की वारदात को अंजाम देना होता था, वहां पर वे 8 से 10 बार तक रैकी करते थे.

सलीम ने बताया है कि रैकी करने के बाद ही वह घटना को अंजाम देते थे. सलीम ने पुलिस को बताया कि हाईवे पर पुलिस की गश्त बहुत कम थी, जिस वजह से उन्होंने हाईवे पर गुजरने वाले लोगों को अपना शिकार बनाया.

सलीम ने पुलिस को यह भी बताया है कि जगह और रास्तों के बारे में जानकारी करने के लिए वहां के एक लोकल आदमी को साथ रखते हैं. 

स्थानीय आदमी से उन्हें आस-पास के इलाके और पुलिस की काफी जानकारी मिलती है. घटना के बाद इसी शख्स से उन्हें पुलिस के मूवमेंट के बारे में भी जानकारी मिलती रहती है.

कई राज्यों में गिरोह का जाल

सलीम ने पुलिस को बताया है कि यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, बिहार में उन्होंने कई डकैती की वारदातों को अंजाम दिया है. सलीम से पूछताछ के दौरान 2 दर्जन से ज्यादा वारदातें सामने आई हैं.

पुलिस के मुताबिक सलीम और उसके साथियों से कई और वारदातों का खुलासा होना बाकी है. सलीम ने पुलिस को यह भी बताया कि जहां पर भी डकैती डालते हैं, वहां पर 2 से 3 वारदातों को अंजाम देते हैं.

सलीम ने पुलिस को बताया कि राजस्थान के हनुमानगढ़ में उसके साथियों ने करीब 4 से 5 वारदातों को अंजाम दिया था, उसके बाद वहां से गायब हो गए.

ड्राइवर को भ्रमित करके वारदात

सलीम ने बताया कि लूट करने के लिए उसके गैंग के लोग अपने साथ गाडियों के औजार रखते हैं. गैंग के सदस्य 500-500 मीटर की दूरी पर पर खड़े हो जाते हैं. गाडी के पास आते ही सड़क पर वे पाना फेंक देते हैं.

जिससे गाड़ी के ड्राइवर को लगे कि उसकी गाडी का एक्सल टूट गया, जिसे देखने के लिए ड्राइवर गाड़ी को रोक देते हैं. गाडी के रुकते ही पूरा गैंग गाड़ी में बैठकर लोगों को कब्जे में लेकर वारदात अंजाम देते थे.

First published: 9 August 2016, 11:03 IST
 
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