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नेताओं के ही जानवर ढूंढ़ती है यूपी पुलिस, आम आदमी के नहीं!

पत्रिका स्टाफ़ | Updated on: 11 February 2017, 5:48 IST
(पत्रिका)

शायद यूपी पुलिस को आम आदमी के जानवरों की कोई फिक्र नहीं है और वो केवल नेताओं के ही जानवरों की फिक्र करती है. या फिर कैबिनेट मंत्री आजम खां की भैंस और सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के कुत्ते ढूंढ-ढूंढकर यूपी पुलिस अब थक गई है. तभी तो अब किसी की भैंस चोरी हो या बकरी या मुर्गी पुलिस रिपोर्ट लिखने वाली नहीं है. यकीन नहीं आता तो जानिए मुरादाबाद की ताजा कहानी.

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े ताकतवर मंत्री मोहम्मद आजम खान साहब के जिले में एक पीड़ित महिला ने थाने में गुहार लगाई कि बीती रात उनकी भैंस को चोर चोरी कर ले गए. उसकी रिपोर्ट दर्ज कर लो, लेकिन यूपी पुलिस है कि उसे अनसुना कर थाने से यह कहकर भगा दिया कि जाओ हम दारोगा भिजवाकर जांच करवा लेंगे.

घटना मुरादाबाद कोतवाली सिविल लाइन के सैनी वाला मझरा गांव की है. जहां बीती रात स्वर्गीय रामलाल के घर में बंधी भैंस को चोर चोरी कर ले गए. भैंस चोरी के बाद महिला के घर संकट खड़ा हो गया है कि अब परिवार कैसे चलेगा क्योंकि महिला का पति पहले ही मर चुका है जमीन जायदाद उसके पास नहीं है. वह भैंस का दूध बेचकर घर का चूल्हा जलाती थी सो अब चोरों ने उसे भी बुझा दिया.

हमारी और आपकी रक्षा करने वाली पुलिस नेताओं की ज्यादा सुनती है या हमारी-आपकी. यह खुद ही समझिये. दो साल पहले मोहम्मद आजम खान साहब की भैंस चोरी हुई तो जिले की पुलिस ने महज 24 घंटे में भैंस बरामद कर आजम खान के तबेले में पहुंचा दी. 

वहीं, आगरा में भाजपा के नेता का कुत्ता गायब हो गया तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कुत्ता भी बरामद करवा दिया. वहीं, बीते दिनों रामपुर में गवर्नर के आदेश पर मुर्गी और बकरी चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन एक लाचार महिला की रिपोर्ट आखिर पुलिस क्यों नहीं दर्ज कर रही है.

First published: 14 August 2016, 7:45 IST
 
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