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भ्रष्टाचार-कामचोरी के चलते नहीं सुनता विभागः यूपी के कारागार मंत्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा है कि परोल देने के लिए कैदियों से 50 हजार रुपये की घूस ली जाती है. विभाग में भारी भ्रष्टाचार और कामचोरी फैली हुई है. इतना ही नहीं विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उनकी ही नहीं सुनते. 

पंजाब में अकाली नेता रह चुके बलवंत सिंह रामूवालिया केंद्र में भी मंत्री पद पर काबिज रह चुके हैं. हालांकि उत्तर प्रदेश में मिला मंत्री पद उन्हें सिस्टम के सामने बौना साबित करता दिख रहा है.

एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने एक गरीब व्यक्ति को सामने लाते हुए बताया कि विभाग के एक बाबू ने उनके बेटे को परोल दिलाने के लिए 5000 रुपये ठग लिए. 

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में परोल के कागज सिपाही लेकर जाता है और परिजनों से कहता है कि 50 हजार रुपये घूस दो तो लिख दूंगा कि इन्हें परोल देने से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह शांत माहौल रहेगा और अगर पैसे नहीं दिए तो लिख दूंगा कि इनके परोल पर आने से गांव में महाभारत हो जाएगी.

कारागार मंत्री ने यह भी कहा कि गंदा पानी पीने से ज्यादातर कैदियों को पेट की बीमारियां हो जाती हैं. इसलिए वो चाहते हैं कि जेलों में आरओ प्लांट लगवाए जाएं. उन्होंने इसका ऑर्डर दिया लेकिन फाइल ही आगे नहीं बढ़ी और इसका पूरा बजट ही चौपट हो गया. 

वो जेलों में सीसीटीवी भी लगवाना चाहते थे लेकिन स्टाफ ने फाइल ही आगे नहीं जाने दी. उन्होंने 235 कैदियों के परोल के आदेश दिए लेकिन केवल 23 की ही फाइल आगे बढ़ सकी. आज तक कभी भी ऐसी कार्रवाई नहीं देखी.

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मालूम हो कि एक दलाल द्वारा ठगी का शिकार हुए पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कारागार मंत्री सीधे सचिवालय के कारागार अनुभाग में पहुंचे और छापा मारा. इस दौरान उन्होंने कई खामियां पाईं. उन्होंने एक दलाल संतोष श्रीवास्तव को भी पकड़ा जिसके खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है.

उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सुधरने को कहा है.

First published: 29 March 2016, 4:51 IST
 
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