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मायावती के अगस्ता हेलीकॉप्टर पर अखिलेश ने लुटाए करोड़ों

आवेश तिवारी | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

एक तरफ जहां देश की सियासत अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील मामले पर गर्म है. वहीं उत्तर प्रदेश में अगस्ता हेलीकॉप्टर की मरम्मत के नाम पर फिजूलखर्ची का मामला सामने आया है.

उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने 40 करोड़ के अगस्ता हेलीकॉप्टर की मरम्मत के नाम पर एक साल के दौरान पांच करोड़ रुपये फूंक डाले हैं. यही नहीं खराब हेलीकॉप्टर को उड़ाने की ट्रेनिंग के लिए पायलट को विदेश तक भेज डाला गया. 

मायावती के कार्यकाल में खरीदारी

राजस्थान पत्रिका के पास मौजूद दस्तावेजों से पता चलता है कि 2010 में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कहने पर तकरीबन 40 करोड़ में खरीदे गए गए एडब्ल्यू-109 श्रेणी के इस हेलीकॉप्टर के दोनों इंजनों समेत अन्य पार्ट्स में खरीददारी के महज पांच साल में भारी गड़बड़ियां आ गईं. 

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जिसके बाद इंजनों की मरम्मत के नाम पर अगस्ता वेस्टलैंड, इटली और सिंगापुर की एक कंपनी ने यूपी सरकार से मनमाने पैसे वसूले. दिलचस्प ये रहा कि बिना इंजन के मरम्मत की बाट जोह रहे अगस्ता की उड़ान के प्रशिक्षण के लिए एक पायलट को सरकारी खर्चे पर इटली भेज दिया गया.

प्रदेश सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड ट्रेनिंग इंस्टीटयूट में ग्राउंड और सिम्युलेटर प्रशिक्षण के लिए कब-कब ,कितना-कितना खर्च किया, ये दस्तावेजों में साफ दर्ज है. 

मरम्मत पर पांच करोड़ खर्च


अगस्ता के दोनों इंजनों के रिपेयर और हॉट सेक्शन इंस्पेक्शन के लिए पिछले साल 15 मई को नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा 2करोड़ 18 लाख 23 हजार रुपये आवंटित किए गए.

ये मरम्मत सिंगापुर की कंपनी मैसस प्राट एंड व्हिटनी कनाडा (एसईए) प्राइवेट लिमिटेड सिंगापुर में होनी थी. इसके लिए अगस्ता के इंजनों को विदेश भेज दिया गया. 

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ठीक दस दिन बाद 25 मई को अगस्ता के 4 कलपुर्जों की खरीददारी के लिए अगस्ता वेस्टलैंड इटली को करीब 70 लाख का भुगतान करने की मंजूरी दी गई.

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि सिंगापुर की कंपनी मैसस प्राट एंड व्हिटनी ने पिछले साल अक्टूबर में अगस्ता के इंजनों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त 60 लाख 71 हजार 356 रुपये लाख रुपयों की मांग की.

जिसे स्वीकार कर लिया गया. इसके अलावा उड्डयन मंत्रालय द्वारा पिछले साल 4 सितम्बर को अगस्ता की निगरानी के लिए एक नए कंप्यूटर आईडीएस को भी इटली से खरीदा गया,जिसकी कीमत पांच लाख 62 हजार रुपये थी. 

पायलट को ट्रेनिंग के लिए इटली भेजा

उड्डयन मंत्रालय की मनमानी का सिलसिला यहीं नहीं थमा. पिछले साल 11 सितम्बर को इंडीकेटर खरीदने के लिए आगस्ता वेस्टलैंड इटली को 57लाख 61 हजार 957 रुपये का भुगतान करने की स्वीकृति दी गई.

दिलचस्प ये था कि जब अगस्ता का इंजन मरम्मत के लिए खड़ा था, तो उड्डयन मंत्रालय ने अपने रोटर पायलट दिनेश सिंह को लाखों के खर्च पर पिछले साल जुलाई में इटली भेज दिया.

इन हेलीकाप्टरों की मरमत पर भारी भरकम पैसा खर्च करने के सवाल पर उड्डयन मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि हमें खुद भी नहीं पता कि इतना पैसा क्यों खर्च किया गया.

एयर शो देखने के लिए विदेश दौरा


यूपी में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की कमान अनीता सिंह के हाथ में हैं, जो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यालय की भी प्रमुख सचिव हैं. उड्डयन मंत्रालय के दस्तावेजों से पता चलता है कि मायवती की तरह सीएम अखिलेश यादव भी उड़न खटोलों के शौकीन हैं. 

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सूखे से त्राहि-त्राहि कर रहे प्रदेश में सार्वजनिक धन से पिछले साल 90 करोड़ की लागत से बेल-412 की खरीदारी की गई. सिर्फ इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के लिए नए उड़नखटोले की खरीदारी के लिए विदेश दौरा भी किया गया.

इसी साल फरवरी में अनीता सिंह और नागरिक उड्डयन सचिव एसके रघुवंशी को सरकारी खर्चे पर सिंगापुर एयर शो देखने के लिए विदेश दौरे की इजाजत दी गई. अहम बात ये है कि यूपी के सीएम के पास किसी दूसरे सीएम की तुलना में ज्यादा बड़ा हवाई बेडा है.

First published: 3 May 2016, 6:33 IST
 
आवेश तिवारी @catchhindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

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