Home » इंडिया » Uproar in Rajya Sabha over Sri Ravi Shankar event
 

क्या श्री रविशंकर कानून और सिस्टम से ऊपर हैं?

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST

श्री रविशंकर के वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से लेकर संसद तक बहस जारी है. शुक्रवार को राज्यसभा में जेडीयू सांसद शरद यादव ने कहा कि श्री रविशंकर ने जुर्माना देने से भी इनकार कर दिया है. क्या वो सिस्टम से ऊपर हैं?

शुक्रवार से शुरू हो रहे श्री रविशंकर की संस्था ऑर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल को लेकर राज्यसभा में कई विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई है.

पढ़ें: एओएल की गड़बड़ियों के बाद भी पर्यावरण मंत्रालय ने आयोजन पर रोक नहीं लगाई

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि यमुना किनारे इकोलॉजिकल सिस्टम को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने नियम 267 के तहत एक नोटिस दे कर इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए शून्यकाल स्थगित करने की मांग की थी.

संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विपक्षी सदस्य पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.

नकवी ने ‘आर्ट ऑफ लीविंग’ का बचाव करते हुए कहा कि उनकी नीयत पर संदेह नहीं किया जा सकता क्योंकि वह पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि आयोजन पूरी अनुमति के साथ हो रहा है और इस मुद्दे पर एनजीटी सुनवाई कर रहा है.

यमुना फिर खतरे में: पवित्रता ही प्रदूषित करेगी पवित्र नदी को

आपको बता दें कि एनजीटी ने ऑर्ट ऑफ लिविंग संस्था, दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और डीडीए पर जुर्माना लगाते हुए कार्यक्रम को हरी झंडी दी थी.

एनजीटी ने ऑर्ट ऑफ लिविंग पर पांच करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. और इसे चार हफ्ते के अंदर जमा करने का आदेश दिया है. इसके अलावा एनजीटी ने डीडीए पर भी पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है.

First published: 12 March 2016, 9:13 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी