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कश्मीर की इस बेटी ने आतंकियों के मुंह पर मारा जोरदार थप्पड़, IAS बनकर रचा इतिहास

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 April 2019, 12:11 IST

जम्मू-कश्मीर की वादियों सालों से आतंकवाद से जूझ रही हैं. यहां की वादी में हर वक्त गोलीबारी की गूंज सुनाई देती है. इसी लिए वादी की ये फिजा अशांत हो गई है. लेकिन वादी के नौजवान यहां शांति के लिए खुद को ढाल रहे हैं और आज देश की सेवा में अपना अहम योगदान निभा रहे हैं.

शुक्रवार शाम जैसे ही यूपीएसी ने आईएएस परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया वादी में एक बार से जश्न का माहौल पैदा हो गया. क्योंकि यहां की एक बेटी ने आईएएस की परीक्षा जो पास कर ली. अब वो देश की सेवा के लिए काम करेगी. बता दें कि पिछले कई सालों से जम्मू-कश्मीर के नौजवान सिविल सर्विस में अच्छी रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा में पहुंच चुके हैं

ऐसे में एक बेटी का आईएएस की परीक्षा पास करना वाकई काबिले तारीफ है. हम बात कर रहे हैं. रेहाना बशीर की जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा 2018 में 187वीं रैंक हासिल की है. पुंछ जिले के मेंढर तहसील के सलवा गांव में रहने वाली रेहाना पुंछ जिला और पीर पंजाल क्षेत्र की पहली ऐसी लड़की हैं जिन्होंने कड़ी मेहनत कर यूपीएसपी की परीक्षा पास की है.

रेहाना बशीर ने कश्मीर के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज शेर--कश्मीर मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की है. उनके भाई आमिर बशीर भी एक आईएएस अधिकारी हैं जिन्होंने पिछले साल यूपीएसपी की परीक्षा में 87वीं रैंक हासिल की थीरेहाना बताती है कि उनके भाई ने ही उन्हें आईएएस की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया.

लेकिन उनकी प्रेरणा का रेहाना पर कोई असर नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने अपनी इंटर्नशिप शुरु की तब उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें भी अपने भाई की ही तरह आईएएस अधिकारी बनना चाहिए. रेहाना ने साल 2016 में MBBS की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद साल 2017 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली जबकि उनके भाई ने इस परीक्षा में 87वीं रैंक हासिल कर जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन किया.

अब रेहाना डिप्टी कमिश्नर बनना चाहती हैं ताकि लोगों की सेवा कर सकें. बता दें कि रेहाना और आमिर के पिता की साल 2006 में मौत हो गई. बावजूद उनकी मां ने हिम्मत नहीं हारी और बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. रेहाना के पिता की जम मौत हुई तब उनकी उम्र 14 साल थी और उनका भाई आमिर 13 साल का था. उसके बाद दोनों भाई-बहन ने ये तय किया कि वो कुछ ऐसा करें जिससे उनके मां-बाप को उनपर गर्व महसूस हो.

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First published: 7 April 2019, 12:11 IST
 
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