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कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने के ट्रंप के दावे को भारत ने बताया झूठा, कहा- कभी नहीं मांगी अमेरिका से मदद

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2019, 11:22 IST

भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को झूठा बताया है. जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर भारत ने अमेरिका से मध्यस्थता के लिए मदद मांगी थी. बता दें कि पाक प्रधानमंत्री इमरान खान इनदिनों अमेरिका की यात्रा पर हैं. इस यात्रा के दौरान जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पाक पीएम इमरान खान की मुलाकात हुई तो ट्रंप ने पाक पीएम से कहा कि भारत ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता कराने के लिए अमेरिका से मदद मांगी थी.

बता दें कि कश्मीर मुद्दा भारत के लिए हमेशा द्विपक्षीय ही रहा है. उसने कभी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की बात नहीं की, लेकिन अमेरिकी दौरे पर गए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से ट्ंरप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए अमेरिका से मदद मांगी थी.

पीएम मोदी के नाम पर ट्रंप के झूठ बोलने पर भारत में विवाद खड़ा हो गया है. बता दें कि व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कश्मीर के मसले को सुलझाने में पीएम मोदी ने उनसे मदद मांगी. ट्रंप ने ये तक कहा कि वो मध्यस्थता के लिए तैयार हैं.

अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने इमरान खान की मौजूदगी में कहा, ''मैं दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ था. हमारे बीच कश्मीर मुद्दे पर बातचीत हुई. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आप इस मसले पर मध्यस्थता करना चाहेंगे. मैंने पूछा- कहां तो उन्होंने कहा कि कश्मीर पर. मैं आश्चर्यचकित हो गया. यह मसला काफी लंबे समय से चला आ रहा है.''

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ''मुझे लगता है कि भारत हल चाहता है, पाकिस्तान हल चाहता है और अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मुझे मध्यस्थता करके खुशी होगी. दो बेहद शानदार देश, जिनके पास बहुत स्मार्ट लीडरशिप है वे इतने सालों से ये मसला हल नहीं कर पा रहे हैं. अगर आप चाहते हैं कि मैं मध्यस्थता करूं तो मैं यह करूंगा.''

वहीं पाक पीएम ट्रंप के सामने कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए नतमस्तक होते दिखाई दिए. इमरान खान ने ट्रंप को करोड़ों लोगों की दुआ देने की बात भी कही. वहीं भारत ने इस मुद्दे पर ना सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का खंडन किया बल्कि साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत द्विपक्षीय ही होगी और जब तक वो आतंकवाद पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता बातचीत का सवाल ही पैदा नहीं होता.

ट्रंप के इस बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, ''हमने देखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि यदि भारत और पाकिस्तान की ओर से ऐसी पेशकश की जाती है तो वह कश्मीर मामले पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति से ऐसी कोई बात नहीं कही गई. भारत अपने निर्णय पर कायम है. पाकिस्तान के साथ सारे मामले द्विपक्षीय बातचीत से ही हल किए जाएंगे. पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत के लिए उसका सीमा पार आतंकवाद बंद करना जरूरी है.''

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान पर भारत में विपक्ष की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया दी गई. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि, ''भारत ने कभी भी कश्मीर मामले में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है. डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर पीएम मोदी को देश को जवाब देना चाहिए.''

First published: 23 July 2019, 8:16 IST
 
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